सऊदी अरब की सरकार ने एनफोर्समेंट लॉ (Enforcement Law) में बहुत बड़ा बदलाव किया है। काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने 1 मई 2026 को इस नए कानून को मंजूरी दे दी है। अब जिन लोगों पर कर्ज या कानूनी देनदारी है, उनसे उनकी सरकारी सब्सिडी का पैसा नहीं छीना जा सकेगा। यह फैसला आम लोगों और प्रवासियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है ताकि उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी होती रहें।
नए कानून में क्या-क्या बदलाव हुए हैं
यह नया कानून 2012 में जारी पुराने नियम की जगह लेगा। यह सरकारी गजट में छपने के 180 दिनों बाद से पूरी तरह लागू हो जाएगा। नए नियमों के तहत कुछ ऐसी चीजें तय की गई हैं जिन्हें अदालत जब्त नहीं कर सकती है। इनमें शामिल हैं:
- सरकारी सब्सिडी: सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक मदद को जब्त नहीं किया जाएगा।
- मुख्य निवास: रहने के लिए इस्तेमाल होने वाले मुख्य घर को सुरक्षित रखा गया है।
- जरूरी सवारी: आने-जाने के लिए इस्तेमाल होने वाली मुख्य गाड़ी जब्त नहीं होगी।
- काम के औजार: पेशे या हुनर से जुड़े जरूरी सामान और औजारों को भी छूट दी गई है।
ट्रैवल बैन और सजा के क्या नियम हैं
नए कानून में यात्रा पर रोक यानी ट्रैवल बैन की समय सीमा को सीमित कर दिया गया है। अब यह बैन अधिकतम 3 साल तक रहेगा, जिसे एक बार और बढ़ाकर कुल 6 साल तक किया जा सकता है। कुछ खास हालातों में जैसे मेडिकल इलाज, छोटे कर्ज या अगर नौकरी के लिए विदेश जाना जरूरी हो, तो इस बैन को हटाया जा सकता है। वहीं, जो लोग अपनी संपत्ति छुपाएंगे या पैसा बाहर भेजने की कोशिश करेंगे, उन्हें जेल और भारी जुर्माने की सजा दी जाएगी।
अदालतों और मिनिस्ट्री ऑफ जस्टिस के पास क्या अधिकार होंगे
Ministry of Justice और एनफोर्समेंट कोर्ट्स इस नए कानून को लागू करने की जिम्मेदारी संभालेंगे। अब अदालतों के पास यह पावर होगी कि अगर कोई कर्जदार अपना पैसा बचाने के लिए फर्जी गिफ्ट या डोनेशन दिखाता है, तो कोर्ट उस ट्रांजेक्शन को रद्द कर सकता है। साथ ही, कोर्ट अब मौजूदा संपत्ति के अलावा भविष्य में मिलने वाले पैसों और अधिकारों को भी जब्त करने का आदेश दे सकेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी का नया एनफोर्समेंट लॉ कब से लागू होगा
यह कानून काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स द्वारा 1 मई 2026 को मंजूर किया गया है और यह सरकारी गजट में प्रकाशित होने के 180 दिनों बाद से लागू होगा।
क्या अब कर्जदारों की सरकारी मदद जब्त हो सकती है
नहीं, नए कानून में यह साफ कहा गया है कि कर्जदार (obligor) को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी और सहायता राशि को जब्त करना मना है।