सऊदी सरकार ने एन्फोर्समेंट कानून में एक बड़ा और मानवीय बदलाव किया है। अब कर्ज या कानूनी मामलों में गर्भवती महिलाओं और दो साल से कम उम्र के बच्चों की मां को जेल नहीं भेजा जाएगा। यह फैसला परिवारों की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है।
किन लोगों को जेल से मिलेगी राहत?
नये एन्फोर्समेंट कानून के आर्टिकल 50 (2) के मुताबिक कुछ खास स्थितियों में आरोपी को जेल भेजने पर रोक लगाई गई है। इसमें निम्नलिखित लोग शामिल हैं:
- गर्भवती महिलाएं: जिन्हें गर्भावस्था के दौरान जेल नहीं भेजा जाएगा।
- छोटे बच्चों की मां: जिनके बच्चे की उम्र दो साल से कम है।
- नाबालिग: जिनकी उम्र 18 साल से कम है।
- बीमार लोग: जिनके पास मान्यता प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट हो और वह जेल में रहने की स्थिति में न हों।
- करीबी रिश्तेदार: आवेदक के माता-पिता या उनके बच्चे।
जस्टिस मिनिस्टर ने क्या बताया कानून का मकसद
जस्टिस मिनिस्टर डॉ. वलीद बिन मोहम्मद अल-समानी ने जानकारी दी कि इस नये कानून का मुख्य उद्देश्य हक की वसूली को अधिक कुशल और तेज बनाना है। उन्होंने बताया कि सरकार अब डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का सहारा ले रही है ताकि लेनदार और देनदार दोनों के बीच एक संतुलित जिम्मेदारी तय हो सके। यह सिस्टम न्यायिक गारंटी के साथ काम करेगा जिससे लोगों का भरोसा कानूनी प्रक्रिया पर बढ़ेगा।
कानून में हुए अन्य बड़े बदलाव
सऊदी सरकार ने इस कानून में सिर्फ जेल से राहत ही नहीं दी है बल्कि वसूली के तरीकों को भी बदला है। अब मुख्य फोकस व्यक्ति को जेल भेजने के बजाय उसकी संपत्तियों से वसूली करने पर होगा। इसके साथ ही कुछ और नियम भी लागू किए गए हैं:
- अब पूरी प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल बनाया गया है।
- एन्फोर्समेंट इंस्ट्रूमेंट्स के लिए 10 साल की समय सीमा तय की गई है।
- जो लोग अपनी संपत्ति छुपाएंगे या दूसरों के नाम ट्रांसफर करेंगे ताकि पैसा न देना पड़े, उन पर अब सख्त जुर्माना लगाया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी के नए कानून के तहत किन महिलाओं को जेल से छूट मिली है?
नए कानून के अनुसार गर्भवती महिलाओं और ऐसी माताओं को जेल नहीं भेजा जाएगा जिनके बच्चे की उम्र दो साल से कम है।
एन्फोर्समेंट कानून में संपत्ति को लेकर क्या नया नियम आया है?
अब फोकस जेल भेजने के बजाय संपत्ति से वसूली पर होगा और संपत्ति छुपाने वालों पर सख्त जुर्माना लगाया जाएगा।