सऊदी अरब की Council of Ministers ने एक नया Enforcement System यानी प्रवर्तन प्रणाली को मंजूरी दे दी है। इसे 1 मई 2026 को सरकारी गजट Um Al-Qura में प्रकाशित किया गया। इस नए नियम के तहत अब कोर्ट को यह अधिकार मिला है कि वह बकाया वसूली या जब्ती के लिए पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को जबरन कार्रवाई करने का आदेश दे सके।

नए नियम में पुलिस और कोर्ट को क्या पावर मिली है?

इस कानून के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति कोर्ट के आदेश को नहीं मानता है, तो कोर्ट Coercive Force यानी जबरन ताकत के इस्तेमाल का आदेश दे सकता है। पुलिस को फैसला आने के 5 दिनों के भीतर कार्रवाई करने की अनुमति है। अगर मामला प्रॉपर्टी खाली कराने का है, तो नोटिस मिलने के 5 दिन बाद अगले दिन पुलिस जबरन अंदर घुसकर कब्जा ले सकती है।

  • कोर्ट अब सरकारी एजेंसियों और बैंकों से सीधे वित्तीय जानकारी ले सकता है।
  • देनदार को अपनी पूरी संपत्ति का खुलासा करना जरूरी होगा।
  • अगर कोई अपनी संपत्ति छुपाने की कोशिश करता है, तो उसके रिश्तेदारों और एजेंटों से भी पूछताछ की जाएगी।
  • सारे सरकारी विभागों को कोर्ट के आदेश का पालन अधिकतम 3 कार्य दिवसों के भीतर करना होगा।

जुर्माना और जेल की सजा के क्या नियम हैं?

नया कानून आदेश न मानने वालों के लिए बहुत सख्त है। इसमें भारी जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान रखा गया है। Justice Minister डॉ. Walid Al-Samaani ने कहा कि इस सिस्टम का मकसद वसूली की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है।

सजा का प्रकार समय या राशि कारण
जुर्माना 10,000 सऊदी रियाल प्रतिदिन कोर्ट के फैसले को लागू करने में देरी
जेल 15 साल तक संपत्ति को जानबूझकर बर्बाद करना
जेल 90 दिन तक बच्चे की कस्टडी या मुलाकात के नियमों का उल्लंघन
जेल 180 दिन तक डायरेक्ट एनफोर्समेंट केस में लापरवाही

कौन सी चीजें जब्त नहीं की जा सकेंगी?

कानून में कुछ छूट भी दी गई है ताकि व्यक्ति की बुनियादी जरूरतें पूरी होती रहें। कोर्ट इन चीजों को जब्त नहीं करेगा:

  • सरकारी फंड या सार्वजनिक पैसा।
  • देनदार का मुख्य निवास स्थान (घर)।
  • जरूरी ट्रांसपोर्ट या वाहन।
  • कामकाज के लिए जरूरी प्रोफेशनल टूल्स।

इसके अलावा, अगर किसी दावे को लागू करने की समय सीमा 10 साल से ज्यादा हो गई है, तो ऐसी रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं की जाएगी, जब तक कि कोई ठोस कानूनी वजह न हो।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब का नया एनफोर्समेंट सिस्टम क्या है?

यह एक नया कानून है जिसे 1 मई 2026 को लागू किया गया। इसका मकसद कोर्ट के फैसलों को तेजी से लागू करना और बकाया पैसा वसूलने के लिए पुलिस को जबरन कार्रवाई का अधिकार देना है।

क्या पुलिस घर में जबरन घुस सकती है?

हाँ, प्रॉपर्टी खाली कराने के मामले में नोटिस के 5 दिन बाद अगले दिन पुलिस कोर्ट के आदेश पर जबरन घर में प्रवेश कर सकती है।