सऊदी अरब ने अपने कानूनी सिस्टम में एक बहुत बड़ा बदलाव किया है. अब अगर कोई व्यक्ति अपना कर्ज नहीं चुकाता है, तो अदालत उसके रिश्तेदारों और साथ काम करने वालों की संपत्ति की भी जांच कर सकती है. सरकार का यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि लोगों का पैसा समय पर वापस मिल सके और न्याय प्रक्रिया तेज़ हो. यह नया नियम उन लोगों पर लगाम कसेगा जो दूसरों का पैसा दबाकर रिश्तेदारों के नाम पर संपत्ति रखते हैं.

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नए नियम में क्या खास है और कैसे काम करेगा सिस्टम

नई Enforcement System में अब कर्जदारों को सीधे जेल भेजने या उनकी सरकारी सेवाओं को रोकने के बजाय उनकी संपत्ति जब्त करने पर ज़्यादा ज़ोर दिया जाएगा. अब सभी कानूनी बॉन्ड्स का रजिस्ट्रेशन “Nafez” प्लेटफॉर्म के ज़रिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से करना होगा. इससे लेन-देन की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और काम तेज़ी से होगा. इसके अलावा कर्जदार को यह हक भी होगा कि वह खुद चुन सके कि उसकी कौन सी संपत्ति बेची जाए, बशर्ते इससे लेनदार का नुकसान न हो.

जानकारी छिपाने पर क्या होगी सज़ा

अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर अपनी संपत्ति की जानकारी छिपाता है या कोर्ट को गलत जानकारी देता है, तो इसे अब एक गंभीर आपराधिक जुर्म माना जाएगा. कानून की धारा 87 के तहत ऐसे लोगों को 7 साल तक की जेल की सज़ा हो सकती है. अदालत अब उन सभी लोगों से जवाब मांग सकती है जिन्हें कर्जदार ने पैसे ट्रांसफर किए हों, ताकि पैसे की हेराफेरी को रोका जा सके.

सरकारी अधिकारियों और विशेषज्ञों की राय

न्याय मंत्री डॉ. वलीद बिन मोहम्मद अल-समान ने बताया कि यह सिस्टम कानूनी माहौल को बेहतर बनाने और पैसों की ट्रैकिंग को मज़बूत करने के लिए लाया गया है. वहीं, जस्टिस मिनिस्ट्री के अंडरसेक्रेटरी डॉ. सालेह अल-सावी ने कहा कि यह बदलाव विज़न 2030 के तहत लेनदार और कर्जदार के बीच संतुलन बनाने के लिए किया गया है. कानूनी विशेषज्ञों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है क्योंकि अब व्यक्तिगत आज़ादी के बजाय वित्तीय वसूली पर ध्यान दिया जाएगा.

नये कानून से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई तालिका में देखें:

विवरण जानकारी
मंजूरी की तारीख़ अप्रैल 2026
राजपत्र में प्रकाशन 1 मई 2026
लागू होने का समय प्रकाशन के 180 दिन बाद
मुख्य प्लेटफॉर्म Nafez (नाफ़ेज़)
अधिकतम सज़ा 7 साल की जेल (धारा 87)
मुख्य फोकस व्यक्ति के बजाय संपत्ति की जब्ती
जांच का दायरा रिश्तेदार और बिजनेस पार्टनर

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या कोर्ट कर्जदार के रिश्तेदारों के बैंक अकाउंट चेक कर सकता है

हाँ, नए कानून के तहत कोर्ट को यह अधिकार दिया गया है कि वह कर्जदार के रिश्तेदारों और उसके साथ काम करने वाले लोगों के फंड्स को ट्रैक कर सके ताकि संपत्ति छिपाने की कोशिश को रोका जा सके.

Nafez प्लेटफॉर्म का क्या काम है

Nafez एक नेशनल इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म है जहाँ सभी कानूनी बॉन्ड्स का रजिस्ट्रेशन होगा और लाभार्थी अपने अनुरोधों की निगरानी कर सकेंगे.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com