सऊदी अरब में कर्ज और कानूनी कार्रवाई को लेकर एक बहुत बड़ा बदलाव हुआ है। सरकार ने नया ‘Enforcement System’ लागू किया है, जिसमें अब 18 साल से कम उम्र के बच्चों को कर्ज के मामले में जेल नहीं भेजा जाएगा। यह फैसला आम लोगों और परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

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किसे नहीं भेजा जाएगा अब जेल

नए नियमों के मुताबिक, अब कर्ज न चुका पाने की वजह से हर किसी को जेल में नहीं डाला जाएगा। सरकार ने कुछ खास स्थितियों को तय किया है जहाँ जेल भेजना मना है:

  • उम्र: अगर व्यक्ति की उम्र 18 साल से कम है, तो उसे जेल नहीं भेजा जाएगा।
  • बीमारी: अगर किसी प्रमाणित मेडिकल रिपोर्ट से यह साबित होता है कि व्यक्ति इतना बीमार है कि जेल जाना उसके लिए संभव नहीं है।
  • महिलाएं: कर्ज के मामलों में महिलाओं को जेल भेजने पर भी रोक लगाई गई है।

किन मामलों में अभी भी हो सकती है जेल

भले ही सरकार ने नियमों में ढील दी है, लेकिन कुछ गंभीर मामलों में अब भी जेल की सजा हो सकती है। अगर मामला इन शर्तों में आता है, तो कानूनी कार्रवाई होगी:

स्थिति नियम
इन्वेस्टमेंट स्कीम निवेश योजनाओं से जुड़े कर्ज के मामले
बड़ी रकम अगर कर्ज की राशि 10 लाख (1 मिलियन) सऊदी रियाल या उससे ज्यादा है
ज्यादा लेनदार अगर कर्ज देने वालों की संख्या 5 से ज्यादा है
संपत्ति छुपाना वित्तीय संपत्तियों को जानबूझकर खत्म करने या छुपाने पर 15 साल तक की जेल

नए सिस्टम की अन्य जरूरी बातें

न्याय मंत्री Dr. Waleed Al-Samaani ने बताया कि यह कदम कानूनी माहौल को बेहतर बनाने और न्याय प्रक्रिया को तेज करने के लिए उठाया गया है। इसमें कुछ और अहम बदलाव भी किए गए हैं:

  • डिजिटल रजिस्ट्रेशन: अब प्रॉमिसरी नोट्स और बिल ऑफ एक्सचेंज के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा।
  • समय सीमा: अगर किसी दस्तावेज़ पर 10 साल तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तो वह खत्म मान लिया जाएगा।
  • ट्रैवल बैन: यात्रा प्रतिबंध (travel bans) के लिए अब साफ और निश्चित समय सीमा तय की गई है।
  • जज के अधिकार: एनफोर्समेंट जज को अब कर्जदारों की संपत्ति ट्रैक करने और पूछताछ करने के ज्यादा अधिकार दिए गए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब का नया एनफोर्समेंट सिस्टम कब से लागू हुआ

कैबिनेट ने इस सिस्टम को 14 अप्रैल 2026 को मंजूरी दी थी और 1 मई 2026 को इसे आधिकारिक गजट ‘Umm Al-Qura’ में प्रकाशित किया गया।

क्या अब कर्ज के किसी भी मामले में जेल नहीं होगी

नहीं, 10 लाख रियाल से ज्यादा का कर्ज होने पर या निवेश योजनाओं (investment schemes) से जुड़े मामलों में अब भी जेल हो सकती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.