सऊदी अरब की सरकार ने कर्ज वसूली और कानूनी प्रक्रियाओं के लिए एक नया कानून (Execution Law) लागू किया है. काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने 14 अप्रैल 2026 को इसे मंजूरी दे दी. इस नए नियम से अब कर्ज न चुका पाने वाले लोगों के लिए कई बड़ी राहतें मिली हैं और वसूली के तरीके भी बदल गए हैं. अब सरकार का पूरा ध्यान व्यक्ति को सजा देने के बजाय उसकी संपत्ति से पैसा वसूलने पर रहेगा.

नए कानून में क्या बदलाव हुए हैं और किसे क्या फायदा होगा?

इस नए सिस्टम में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब पैसों के लेन-देन या कर्ज न चुकाने पर किसी को जेल में नहीं डाला जाएगा. सरकार अब व्यक्ति को जेल भेजने के बजाय उसकी संपत्ति और बैंक बैलेंस पर ध्यान देगी. साथ ही, अब कर्जदारों की सरकारी सेवाएं (Government Services) नहीं रोकी जाएंगी और न ही उनके वित्तीय लेनदेन पर रोक लगेगी. यात्रा पर पाबंदी (Travel Ban) को भी अब सीमित कर दिया गया है, जो अधिकतम 3 साल तक ही हो सकती है.

संपत्ति की जानकारी और वसूली के नए नियम क्या हैं?

नए कानून के तहत अब कर्जदार और उससे जुड़े लोगों के लिए अपनी संपत्ति की पूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा. अगर कोई अपनी संपत्ति छुपाता है या गलत जानकारी देता है, तो इसे अपराध माना जाएगा और उस पर सख्त कार्रवाई होगी. अब वसूली की प्रक्रिया को तेज करने के लिए प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों और फाइनेंशियल जांच एजेंसियों की मदद ली जा सकेगी. इसके अलावा, प्रॉमिसरी नोट्स और बिलों को अब न्याय मंत्रालय (Ministry of Justice) के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करना जरूरी होगा तभी उन्हें कानूनी मान्यता मिलेगी.

नियम नया प्रावधान
जेल की सजा वित्तीय कर्ज के लिए अब जेल नहीं होगी
सरकारी सेवाएं सेवाएं अब बंद नहीं की जाएंगी
ट्रैवल बैन अधिकतम 3 साल तक की समय सीमा
संपत्ति का खुलासा जानकारी देना अनिवार्य, छुपाने पर अपराध
सند (Execution Deed) की वैधता 10 साल की समय सीमा तय की गई
दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन अब केवल इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के जरिए होगा
वसूली प्रक्रिया प्राइवेट सेक्टर और जांच एजेंसियों की मदद ली जाएगी
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com