सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों और आम लोगों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। सऊदी सरकार ने कर्ज वसूली और ट्रैवल बैन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब मामूली रकम के बकाया होने पर लोगों को विदेश यात्रा करने से नहीं रोका जाएगा। यह फैसला खासतौर पर उन लोगों के लिए मददगार होगा जो छोटी रकम की वजह से कानूनी उलझनों में फंसे थे।

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छोटे कर्ज पर ट्रैवल बैन का क्या नया नियम है?

Ministry of Justice ने साफ किया है कि अब छोटे अमाउंट (Small Amounts) के लिए ट्रैवल बैन लागू नहीं होगा। यह बदलाव सऊदी कैबिनेट द्वारा 28 अप्रैल 2026 को मंजूर किए गए नए Execution Law का हिस्सा है। इस नए कानून में कुल 65 आर्टिकल हैं और यह पुराने सिस्टम की जगह लेगा। यह नियम आधिकारिक गजट में छपने के 180 दिनों बाद से पूरी तरह लागू हो जाएगा। छोटे अमाउंट की सटीक परिभाषा क्या होगी, इसकी जानकारी आने वाले सरकारी रेगुलेशन में दी जाएगी।

ट्रैवल बैन की समय सीमा और अन्य छूट क्या हैं?

नए कानून के तहत अब ट्रैवल बैन की समय सीमा तय कर दी गई है। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • ट्रैवल बैन अब अधिकतम 3 साल तक के लिए लगाया जा सकेगा।
  • इस समय सीमा को केवल एक बार बढ़ाया जा सकता है, जिससे कुल समय 6 साल से ज्यादा नहीं होगा।
  • छोटे कर्ज के अलावा, अगर किसी व्यक्ति को विदेश में इलाज कराना है, तो उसका बैन हटाया जा सकता है।
  • अगर किसी की नौकरी ऐसी है जिसमें विदेश जाना जरूरी है, तो उन्हें भी छूट मिलेगी।
  • यदि कर्जदार यह साबित कर दे कि उसके पास कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त पैसा है, तो भी बैन हटाया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि Execution Courts के जरिए लागू होने वाला यह नया डिजिटल मॉडल कर्जदारों और कर्ज देने वालों, दोनों के अधिकारों की रक्षा करेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब का नया Execution Law कब मंजूर हुआ?

सऊदी कैबिनेट ने इस नए कानून को 28 अप्रैल 2026 को मंजूरी दी थी। इसमें कुल 65 आर्टिकल शामिल हैं और यह पुराने नियमों की जगह लेगा।

ट्रैवल बैन अब अधिकतम कितने समय के लिए लगाया जा सकता है?

अब ट्रैवल बैन की अधिकतम सीमा 3 साल है। इसे एक बार बढ़ाया जा सकता है, लेकिन कुल समय 6 साल से ज्यादा नहीं हो सकता।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.