सऊदी अरब में अब कर्ज या कानूनी मामलों में जेल जाने के नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। सरकार ने नया एग्जीक्यूशन सिस्टम (Execution System) लागू किया है, जिसमें गंभीर बीमार लोगों को जेल भेजने पर रोक लगाई गई है। यह नियम उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो अपनी सेहत की वजह से जेल की सजा नहीं काट सकते। काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने इस कानून को मंजूरी दी है और इसे आधिकारिक गजट ‘उम्म अल-कुरा’ में 1 मई 2026 को प्रकाशित किया गया।
किन्हें नहीं भेजा जाएगा जेल?
नए नियमों के मुताबिक, कुछ खास हालात में ‘एग्जीक्यूटेड अगेंस्ट’ यानी जिस व्यक्ति के खिलाफ आदेश जारी हुआ है, उसे जेल भेजने से बचा जाएगा। इसमें निम्नलिखित लोग शामिल हैं:
- बीमार व्यक्ति: अगर किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट से यह साबित होता है कि व्यक्ति ऐसी बीमारी से जूझ रहा है जिसमें जेल रहना उसके लिए मुमकिन नहीं है।
- नाबालिग: ऐसे व्यक्ति जिनकी उम्र 18 साल से कम है।
- महिलाएं: गर्भवती महिलाएं और वे महिलाएं जिनके बच्चे की उम्र दो साल से कम है।
- करीबी रिश्तेदार: अगर संबंधित व्यक्ति आवेदन करने वाले का पिता, दादा या बेटा और पोता है।
नए कानून की मुख्य बातें और बदलाव
सऊदी सरकार ने इस पूरे सिस्टम को अब डिजिटल और संस्थागत बना दिया है। इसका मुख्य मकसद लोगों के हक को जल्दी वापस दिलाना है।
- संपत्ति पर फोकस: अब वित्तीय दावों में व्यक्ति को जेल भेजने के बजाय उसकी संपत्ति को जब्त करने और उसे बेचने पर ज्यादा जोर दिया जाएगा।
- अदालतों की ताकत: एग्जीक्यूशन कोर्ट्स को अब संपत्ति का पता लगाने, पूछताछ करने और गलत ट्रांजैक्शन को रद्द करने के ज्यादा अधिकार दिए गए हैं।
- धोखाधड़ी पर सख्ती: अगर कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति छुपाता है, उसे बाहर भेजता है या कोर्ट को गलत जानकारी देता है, तो उसे 15 साल तक की जेल हो सकती है।
- सरकारी सेवाओं पर रोक: अब वित्तीय डिफॉल्टर्स के लिए सरकारी सेवाओं के निलंबन जैसे नियमों में भी बदलाव किया गया है।
न्याय मंत्री ने क्या कहा?
न्याय मंत्री Dr. Walid Al-Samaani ने बताया कि नया एग्जीक्यूशन सिस्टम एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम का लक्ष्य अधिकारों की वसूली को तेज करना और लाभार्थियों तक उनका हक जल्द पहुंचाना है। यह नया ढांचा पुराने पारंपरिक तरीकों को छोड़कर अब पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक तरीके से काम करेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या सऊदी अरब में अब कर्जदारों को जेल नहीं भेजा जाएगा?
नया नियम मुख्य रूप से संपत्तियों की वसूली पर केंद्रित है। हालांकि, गंभीर बीमारी, कम उम्र या गर्भावस्था जैसे विशेष मामलों में जेल से छूट मिलेगी, लेकिन अन्य मामलों में सभी विकल्पों के खत्म होने के बाद जेल एक विकल्प बनी रहेगी।
मेडिकल छूट पाने के लिए क्या जरूरी है?
इसके लिए एक मान्यता प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट पेश करनी होगी, जिससे यह साबित हो कि व्यक्ति की बीमारी ऐसी है कि वह जेल की परिस्थितियों को सहन नहीं कर सकता।