सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। सरकार ने नौकरी और रहने की व्यवस्था को लेकर नए नियम लागू किए हैं, जिनका सीधा असर वहां काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर पड़ेगा। साथ ही, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत विफल होने से खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे व्यापार और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।

सऊदी अरब में प्रवासियों के लिए क्या हैं नए नियम

सऊदी सरकार अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए विजन 2030 के तहत कई कदम उठा रही है। इसके तहत कई नौकरियों को केवल सऊदी नागरिकों के लिए सुरक्षित किया गया है और डिजिटल प्लेटफॉर्म Qiwa के जरिए नियमों को सख्त किया गया है। प्रवासियों के लिए आवास की स्थिति सुधारने और कॉन्ट्रैक्ट को डिजिटल करने पर जोर दिया गया है।

नियम या पद विवरण समय सीमा/शर्त
मार्केटिंग और सेल्स 60% कर्मचारी सऊदी होना जरूरी 19 अप्रैल 2026 से लागू
रिसेप्शन और कॉल सेंटर 100% सऊदी नागरिकों की नियुक्ति 22 अप्रैल 2026 तक
डिजिटल कॉन्ट्रैक्ट Qiwa प्लेटफॉर्म पर कॉन्ट्रैक्ट दर्ज करना अनिवार्य 15 अप्रैल 2026 तक
आवास नियम 20 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों को हाउसिंग सुधारना होगा मार्च 2026 से शुरू
ग्रेस पीरियड कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद नया स्पॉन्सर खोजने का समय 60 दिन का समय
हाउसिंग सुपरवाइजर यह पद पूरी तरह सऊदी नागरिकों के लिए आरक्षित 1 फरवरी 2026 से लागू

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत क्यों टूटी

इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत चली, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया। अमेरिका ने शर्त रखी थी कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और मिलिटेंट समूहों को पैसा देना बंद करेगा, जिसे ईरान ने मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद तनाव इतना बढ़ गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी करने का आदेश दिया है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि ईरान एक निष्पक्ष समझौते के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना होगा। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उनके नियंत्रण में है और वे किसी भी चुनौती का जवाब देंगे। इस तनाव के कारण खाड़ी देशों में तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ सकता है, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ सकती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.