सऊदी एनर्जी एफिशिएंसी सेंटर (SEEC) ने गाड़ियों के लिए नए फ्यूल इकोनॉमी लेबल पेश किए हैं। इस कदम का मकसद ग्राहकों को यह बताना है कि कौन सी गाड़ी कितना तेल या बिजली खर्च करती है ताकि वे सही चुनाव कर सकें। यह नया सिस्टम 2027 मॉडल की गाड़ियों से अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।

नया फ्यूल इकोनॉमी कार्ड क्या है और क्यों लाया गया

सऊदी एनर्जी एफिशिएंसी सेंटर, जिसे ‘Kafaa’ भी कहा जाता है, ने 3 और 4 मई 2026 को ‘A label you know’ नाम से एक जागरूकता अभियान शुरू किया। यह पूरा सिस्टम SASO 2847:2025 स्टैंडर्ड के तहत बनाया गया है। इसके जरिए कार डीलरशिप और लीजिंग कंपनियों को नए नियम मानने होंगे। यह कार्ड ग्राहकों को गाड़ी की ऊर्जा खपत के बारे में सही जानकारी देगा जिससे उनके पैसे बच सकेंगे।

गाड़ियों के लिए कौन-कौन से तीन तरह के कार्ड होंगे

मार्केट में मौजूद अलग-अलग तरह की गाड़ियों के लिए तीन तरह के कार्ड डिजाइन किए गए हैं:

  • पेट्रोल गाड़ियाँ (Gasoline Vehicles): इस कार्ड पर पारंपरिक इंजन की ईंधन खपत की जानकारी किलोमीटर प्रति लीटर (km/l) में दी जाएगी।
  • इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ (Electric Vehicles): इसमें बैटरी की कुल क्षमता और उसके बराबर की ईंधन खपत (km/l equivalent) की जानकारी होगी।
  • प्लग-इन हाइब्रिड गाड़ियाँ (Plug-in Hybrid): इस कार्ड पर इंजन और बैटरी दोनों की क्षमता के साथ-साथ दोनों के लिए ईंधन खपत की दर बताई जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह नया नियम कब से लागू होगा

यह नए फ्यूल इकोनॉमी लेबल सिस्टम 2027 मॉडल की गाड़ियों से अनिवार्य रूप से लागू होगा। इसके लिए SEEC ने मई 2026 में जागरूकता अभियान की शुरुआत की है।

इन नए कार्ड्स का ग्राहकों को क्या फायदा होगा

इन कार्ड्स की मदद से ग्राहक पेट्रोल, इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड गाड़ियों की ईंधन खपत और बैटरी क्षमता को आसानी से समझ सकेंगे और अपने बजट के हिसाब से सही गाड़ी चुन सकेंगे।