Saudi Arabia Fundraising Rules: सऊदी अरब ने फंड जुटाने के नियमों में किया बड़ा बदलाव, विज्ञापनों में बच्चों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक

सऊदी अरब में चैरिटी और दान से जुड़े कामों को लेकर सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है और जनता के बीच पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए नियम बनाए हैं। सऊदी अरब के National Center for the Non-Profit Sector ने फंड जुटाने वाले नए नियमों का एक नया ड्राफ्ट सबके सामने रखा है ताकि चैरिटी के काम पूरी ईमानदारी और साफ-सुथरे तरीके से हो सकें। इस नए प्रस्ताव में कुल 18 तरह के नियम तय किए गए हैं, जिसमें सबसे खास बात यह है कि अब विज्ञापन अभियानों में बच्चों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इस नए नियमों के तहत अब किसी भी मानवीय संकट का गलत फायदा उठाने की अनुमति नहीं होगी और न ही विज्ञापनों में गलत जानकारी दी जा सकेगी। इसके अलावा, Two Holy Mosques की तस्वीरों का बिना अनुमति के इस्तेमाल करने पर भी सख्त रोक लगा दी गई है। सरकार चाहती है कि चैरिटी के नाम पर किसी भी तरह का गलत प्रचार न हो और लोग सही तरीके से जरूरतमंदों तक मदद पहुंचा सकें।
फंड जुटाने के विज्ञापनों में QR कोड होगा जरूरी
नए नियमों के फ्रेमवर्क के मुताबिक, अब जितने भी चैरिटी या फंड जुटाने वाले विज्ञापन चलाए जाएंगे, उन सभी में एक QR code देना अनिवार्य कर दिया गया है। यह क्यूआर कोड सीधे सरकार की 'Donate Safely' सर्विस से जुड़ा होगा, जिसकी मदद से कोई भी दान देने वाला व्यक्ति आसानी से यह जांच सकेगा कि जिस कैंपेन को वह पैसा दे रहा है, उसका लाइसेंस असली है या नहीं। इससे धोखाधड़ी के मामलों पर लगाम लगेगी और लोग सुरक्षित तरीके से दान कर सकेंगे।
संस्थानों के लिए अब यह भी जरूरी कर दिया गया है कि वे अपने पैसों का पूरा हिसाब जनता के सामने रखें। इसमें वित्तीय लक्ष्य, प्रशासनिक खर्चे और उस पैसे का इस्तेमाल कहां-कहां किया जाएगा, इन सबकी पूरी जानकारी साफ-साफ बतानी होगी। सरकार की इस पहल का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कैंपेन में ऐसी सामग्री का इस्तेमाल न हो जिससे लाभार्थियों की गरिमा को ठेस पहुंचे या धार्मिक ग्रंथों का गलत अर्थ निकाला जाए।
जनता से मांगे गए सुझाव और आखिरी तारीख
इन सभी नए ड्राफ्ट नियमों को अभी आम जनता की राय जानने के लिए Istitlaa platform पर रखा गया है। लोग इस पर जाकर अपने सुझाव दे सकते हैं और इसकी आखिरी तारीख September 10, 2026 तय की गई है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक स्रोत Saudi e-Consultation Portal पर जाकर पूरी बात पढ़ सकते हैं।
सऊदी प्रशासन इन कड़े नियमों के जरिए चैरिटी के कामों में लोगों का भरोसा और ज्यादा मजबूत करना चाहता है। इसके साथ ही, यह भी पक्का किया जा रहा है कि देश के अंदर जितने भी लाइसेंस वाले संस्थान काम कर रहे हैं, वे सभी सरकार के नियमों का पूरी सख्ती के साथ पालन करें।