सऊदी अरब ने मालगाड़ियों के जरिए एक नया अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर शुरू करने का फैसला लिया है। यह नया रेल मार्ग अरब खाड़ी के बंदरगाहों को सीधे जॉर्डन और देश के उत्तरी इलाकों से जोड़ता है। सऊदी अरब रेलवे (SAR) इस रूट के जरिए पूर्वी प्रांत के बंदरगाहों से हदीता पोर्ट तक सामान पहुंचाएगी। इस सुविधा के शुरू होने से खाड़ी देशों के बीच व्यापार करना काफी आसान और तेज हो जाएगा।

इस नए रेल कॉरिडोर में क्या खास है?

सऊदी अरब रेलवे अब हर दिन 2,500 से ज्यादा स्टैंडर्ड कंटेनर संभालने की क्षमता रखती है। ट्रांसपोर्ट जनरल अथॉरिटी (TGA) ने हाल ही में SAR को कंटेनर ट्रेनों के संचालन के लिए नया लाइसेंस जारी किया है। इससे रेल नेटवर्क पर माल ढोने की सुविधा और लचीलापन बढ़ेगा। यह प्रोजेक्ट सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है जिसका मकसद देश को एक बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बनाना है।

  • हदीता पोर्ट: यह जॉर्डन की सीमा के पास एक मुख्य पॉइंट है जहां से माल आगे भेजा जाएगा।
  • पूर्वी प्रांत: यहां के बंदरगाहों से सामान लोड होकर सीधे उत्तर की तरफ जाएगा।
  • कनेक्टिविटी: यह रूट न केवल जॉर्डन बल्कि उत्तर के अन्य देशों के साथ भी व्यापारिक रिश्ते मजबूत करेगा।

प्रोजेक्ट से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें और जानकारी

तारीख विवरण
26 मार्च 2026 नए अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर की घोषणा हुई।
24 मार्च 2026 SAR को रेल नेटवर्क विस्तार के लिए आधिकारिक लाइसेंस मिला।
2026 की तीसरी तिमाही ड्रीम ऑफ द डेजर्ट लग्जरी पैसेंजर ट्रेन शुरू होने का समय है।
2030 तक लक्ष्य जॉर्डन के साथ क्रॉस-बॉर्डर रेलवे प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है।

परिवहन और लॉजिस्टिक्स मंत्री सालेह बिन नासिर अल जसेर के मुताबिक यह रेल नेटवर्क पर्यटन और ट्रांसपोर्ट दोनों सेक्टर को बेहतर बनाएगा। आने वाले समय में यह कॉरिडोर भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) के साथ मिलकर कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। इससे व्यापारियों और माल भेजने वाले लोगों को काफी फायदा मिलेगा और समय की बचत होगी।