सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव किया है। अब परिवार के साथ रहने वाले डिपेंडेंट्स के लिए नौकरी के रास्ते खुल गए हैं और लेबर लॉ को और सख्त बनाया गया है। इन नए बदलावों का सीधा असर वहां काम कर रहे लाखों प्रवासियों और उनके परिवारों पर पड़ेगा।
डिपेंडेंट्स के लिए वर्क परमिट के नए नियम
सऊदी सरकार ने अब प्रवासी कर्मचारियों के जीवनसाथी और वयस्क बच्चों के लिए वर्क परमिट के नए नियम लागू किए हैं। अब वे अपने फैमिली रेजिडेंसी स्टेटस के तहत ही काम के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस कदम से प्रवासियों की निर्भरता स्पॉन्सर्स पर कम होगी और अर्थव्यवस्था में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
लेबर लॉ और प्रवासियों के कानूनी अधिकार
नए लेबर लॉ के अनुसार अब कोई भी नियोक्ता किसी प्रवासी कर्मचारी का पासपोर्ट अपने पास नहीं रख सकता, ऐसा करना गैरकानूनी है। सभी प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए डिजिटल कॉन्ट्रैक्ट जरूरी कर दिए गए हैं जो Qiwa प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर होंगे। सैलरी का भुगतान अब केवल मान्यता प्राप्त बैंकिंग सिस्टम के जरिए ही किया जाएगा ताकि भुगतान में होने वाली देरी को रोका जा सके।
प्रतिबंधित पेशे और जरूरी आंकड़े
सरकार ने कुछ खास पदों को केवल सऊदी नागरिकों के लिए आरक्षित कर दिया है, जिससे प्रवासियों के लिए इन पदों पर जाना अब मुश्किल होगा। इसके अलावा, फरवरी के महीने में प्रवासियों द्वारा अपने देश भेजे गए पैसे में भी गिरावट देखी गई है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रतिबंधित पेशे | जनरल मैनेजर, सेल्स रिप्रेजेंटेटिव, मार्केटिंग स्पेशलिस्ट, प्रोक्योरमेंट मैनेजर |
| सऊदी नागरिक वेतन (सेल्स/मार्केटिंग) | SAR 5,500 |
| सऊदी नागरिक वेतन (इंजीनियरिंग) | SAR 8,000 |
| सऊदी नागरिक न्यूनतम वेतन | SAR 4,000 |
| प्रवासी न्यूनतम वेतन | कोई तय सीमा नहीं |
| फरवरी रेमिटेंस | SAR 12.5 बिलियन |
| प्रोबेशन पीरियड | 90 से 180 दिन |
