Saudi Arabia में काम करने वाले प्रवासियों और कंपनियों के लिए एक बहुत जरूरी खबर सामने आई है। Ministry of Human Resources and Social Development (MHRSD) ने लेबर लॉ के उल्लंघन और जुर्माने की लिस्ट को अपडेट कर दिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब अगर कोई एम्प्लॉयर बिना वैध वर्क परमिट (Work Permit) के किसी गैर-सऊदी वर्कर को नौकरी पर रखता है, तो उसे भारी जुर्माना देना होगा। यह नियम 25-26 फरवरी 2026 से प्रभावी बताए गए हैं। इसका सीधा असर वहां काम करने वाले भारतीय और अन्य विदेशी कामगारों पर पड़ेगा।

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किन गलतियों पर कितना लगेगा जुर्माना?

सऊदी सरकार ने नियमों का पालन न करने वालों के लिए जुर्माने की रकम तय कर दी है। इसमें सबसे ज्यादा सख्ती वर्क परमिट और दस्तावेजों को लेकर की गई है। मंत्रालय द्वारा जारी की गई नई लिस्ट में मुख्य जुर्माने इस प्रकार हैं:

  • बिना परमिट काम: किसी भी गैर-सऊदी को बिना वर्क परमिट नौकरी देने पर एम्प्लॉयर को प्रति वर्कर 10,000 रियाल का जुर्माना देना होगा।
  • पासपोर्ट रखना: अगर कोई कंपनी या मालिक वर्कर का पासपोर्ट या रेजिडेंसी परमिट (Iqama) अपने पास रखता है, तो उसे 3,000 रियाल प्रति वर्कर फाइन भरना होगा।
  • कॉन्ट्रैक्ट में गड़बड़ी: लेबर कॉन्ट्रैक्ट को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से डॉक्यूमेंट न करने पर 1,000 रियाल का जुर्माना लगेगा।

भर्ती और अन्य नियमों पर भी सख्ती

सिर्फ वर्क परमिट ही नहीं, बल्कि रिक्रूटमेंट के तरीकों पर भी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। बिना लाइसेंस के भर्ती करने वाले लोगों या संस्थाओं पर बहुत भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

  • अनधिकृत भर्ती: बिना लाइसेंस रिक्रूटमेंट करने पर पहली बार में 2,00,000 रियाल, दूसरी बार में 2,20,000 रियाल और तीसरी बार में 2,50,000 रियाल का जुर्माना लगेगा।
  • बच्चों से काम कराना: 15 साल से कम उम्र के बच्चों को काम पर रखना अपराध है। 50 से ज्यादा वर्कर वाली कंपनी ऐसा करती है तो 2,000 रियाल का फाइन लगेगा।
  • मैटरनिटी लीव: महिला वर्कर को वैधानिक मैटरनिटी लीव न देने पर 1,000 रियाल का जुर्माना तय किया गया है।

कंपनियों की कैटेगरी और मंत्री का बयान

जुर्माने को सही तरीके से लागू करने के लिए कंपनियों को उनके साइज के हिसाब से बांटा गया है। इसमें 50 से ज्यादा वर्कर वाली कंपनी कैटेगरी A, 21 से 49 वाली B और 20 से कम वाली C में आती हैं। Human Resources मंत्री Ahmed Al-Rajhi ने कहा है कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य काम के माहौल को सुधारना और वर्कर के अधिकारों की सुरक्षा करना है। प्रवासियों के लिए यह अच्छी बात है कि अब उनके पासपोर्ट और कॉन्ट्रैक्ट को लेकर नियम और सख्त हो गए हैं, जिससे उन्हें ज्यादा सुरक्षा मिलेगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.