सऊदी अरब के कानून मंत्रालय ने कानूनी दस्तावेज़ों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब 10 साल से पुराने किसी भी एग्जीक्यूटिव इंस्ट्रूमेंट (सند تنفيذي) को लागू नहीं किया जा सकेगा। इस नए नियम से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिनके पुराने लेन-देन के मामले लंबे समय से अटके हुए थे।

10 साल वाला नया नियम क्या है

सऊदी अरब के न्याय मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी फॉर एग्जीक्यूशन, डॉक्टर सालेह अल-सऊई ने 18 मई 2026 को इस बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए सिस्टम के तहत, अगर किसी दस्तावेज़ की तारीख को पूरे 10 साल बीत चुके हैं, तो उसे अब कोर्ट में पेश नहीं किया जा सकेगा। यह फैसला सिविल ट्रांजैक्शन लॉ के हिसाब से लिया गया है ताकि पुराने मामलों की एक सीमा तय की जा सके।

किन बातों का रखना होगा ध्यान

  • समय सीमा: दस्तावेज़ की तारीख-ए-इस्तहक़ाक (due date) से 10 साल बाद वह बेकार हो जाएगा।
  • पुरानी तारीखें: 18/4/1434 हिजरी से पहले जारी किए गए एग्जीक्यूटिव इंस्ट्रूमेंट्स अब स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
  • मकसद: इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य लेन-देन में स्थिरता लाना और पुराने दायित्वों की एक समय सीमा तय करना है।
  • प्लेटफॉर्म: इन सब प्रक्रियाओं को मैनेज करने के लिए मंत्रालय ने Nafiz प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया है।

व्यापारिक कागज़ात और उनकी समय सीमा

डॉक्टर अल-सऊई ने साफ किया कि यह 10 साल वाला नियम एक ऊपरी सीमा की तरह काम करेगा। हालांकि, कुछ कमर्शियल पेपर जैसे प्रॉमिसरी नोट्स के लिए नियम अलग होते हैं। प्रॉमिसरी नोट्स के लिए यह समय 3 साल और कुछ मामलों में 4 साल होता है, जबकि चेक के लिए 6 महीने की समय सीमा होती है। लेकिन अब नए कानून के बाद किसी भी दस्तावेज़ को 10 साल से ज़्यादा समय तक नहीं खींचा जा सकेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में एग्जीक्यूटिव इंस्ट्रूमेंट के लिए समय सीमा क्या है

नया नियम कहता है कि अगर किसी दस्तावेज़ को उसकी ड्यू डेट से 10 साल बीत चुके हैं, तो उसे अब लागू नहीं किया जा सकता।

यह फैसला किसने और कब सुनाया

यह घोषणा न्याय मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी डॉक्टर सालेह अल-सऊई ने 18 मई 2026 को की थी।