सऊदी अरब के पर्यटन मंत्रालय (Ministry of Tourism) ने रमज़ान के आखिरी 10 दिनों में मक्का और मदीना में चेकिंग अभियान बहुत तेज कर दिया है। यह कदम हज और उमरा करने आने वाले यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर सुविधा के लिए उठाया गया है। बिना लाइसेंस के होटल या गेस्ट हाउस चलाने वालों पर अब 10 लाख रियाल तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा ऐसे प्रतिष्ठानों को तुरंत बंद करने का आदेश भी दिया गया है।

क्या हैं नए नियम और सजा के प्रावधान?

पर्यटन मंत्रालय की टीमों ने साफ किया है कि सभी तरह के रिहाइशी और हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं के लिए वैध लाइसेंस का होना जरूरी है। अगर कोई बिना लाइसेंस के काम करता पकड़ा जाता है तो उसे 10 लाख रियाल तक का जुर्माना देना होगा। इसके साथ ही प्रतिष्ठान को तुरंत सील कर दिया जाएगा और नियम तोड़ने वालों का परमिट हमेशा के लिए रद्द हो सकता है। मक्का और मदीना जैसे बड़े शहरों में शुरुआती जुर्माना भी काफी ज्यादा रखा गया है।

चेकिंग के दौरान किन चीजों पर रखा जा रहा है ध्यान?

अधिकारियों की टीमें सिर्फ लाइसेंस ही नहीं बल्कि कई अन्य नियमों की भी जांच कर रही हैं। होटलों में साफ-सफाई और सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं।

  • कीमतों में पारदर्शिता: किसी भी यात्री से ज्यादा पैसे न वसूले जाएं और छुपे हुए चार्ज न लगाए जाएं।
  • भाषा: यात्रियों से फोन या ईमेल पर बातचीत के लिए अरबी और इंग्लिश दोनों भाषाओं का इस्तेमाल करना होगा।
  • सऊदीकरण: रिसेप्शन और मैनेजमेंट की नौकरियों पर सिर्फ सऊदी नागरिकों को ही रखना होगा।
  • स्टाफिंग: पीक सीजन के दौरान अस्थायी स्टाफ के लिए Ajeer प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा सकता है।

शिकायत के लिए कहाँ कॉल करें?

अगर किसी यात्री या उमरा करने आए लोगों को कोई परेशानी होती है तो वे सीधे पर्यटन मंत्रालय के कॉल सेंटर पर संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए एक टोल फ्री नंबर 930 जारी किया गया है जो 24 घंटे काम करता है। अब तक मक्का में 1,166 चेकिंग में 760 से ज्यादा कमियां पाई गई हैं, जबकि मदीना में 426 चेकिंग के दौरान 128 मामले दर्ज हुए हैं।