सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) ने मुसानद (Musaned) प्लेटफॉर्म पर एक नई सर्विस शुरू की है। इसे ‘Work Interruption’ यानी काम से रुकावट का नाम दिया गया है। यह उन घरेलू कामगारों के लिए है जो काम पर आना बंद कर देते हैं। यह सुविधा 15 फरवरी 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है। इसका मुख्य मकसद मालिकों और कामगारों दोनों के अधिकारों को सुरक्षित रखना और रमजान से पहले सिस्टम को बेहतर बनाना है।

60 दिन का नियम और विदाई की शर्त

नए नियम के अनुसार, अगर कोई वर्कर काम पर नहीं आता है और एम्प्लॉयर इसकी रिपोर्ट करता है, तो वर्कर के सऊदी अरब में रहने की अवधि के हिसाब से फैसला होगा।

  • 2 साल से कम: अगर वर्कर को सऊदी अरब में काम करते हुए 2 साल से कम समय हुआ है, तो उसे रिपोर्ट होने के 60 दिनों के अंदर परमानेंट एग्जिट (Permanent Exit) लेकर देश छोड़ना होगा।
  • 2 साल से ज्यादा: अगर वर्कर 2 साल से ज्यादा समय से वहां है, तो उसके पास 60 दिन का समय होगा। इस दौरान वह चाहे तो किसी और एम्प्लॉयर के पास अपनी सेवाएं ट्रांसफर (Transfer) करवा सकता है या फिर हमेशा के लिए देश छोड़ सकता है।
  • रिकॉर्ड से नाम हटना: अगर 60 दिनों तक वर्कर कोई कदम नहीं उठाता है, तो उसका नाम एम्प्लॉयर के रिकॉर्ड से अपने आप हट जाएगा और उसे ‘काम से अनुपस्थित’ माना जाएगा।

मुसानद पर रिपोर्ट करने की प्रक्रिया और फीस

मंत्रालय ने साफ किया है कि अब सीधे अबशर (Absher) प्लेटफॉर्म पर ‘अनुपस्थित’ (Absenteeism) की रिपोर्ट दर्ज नहीं होगी। इसके लिए पहले मुसानद पर प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

एम्प्लॉयर को मुसानद प्लेटफॉर्म पर लॉग-इन करके ‘Report Work Interruption’ विकल्प चुनना होगा। राहत की बात यह है कि एम्प्लॉयर रिपोर्ट सबमिट करने के 15 दिनों के भीतर इसे वापस भी ले सकता है। इस सेवा के लिए मुसानद की स्टैंडर्ड फीस लागू हो सकती है, लेकिन ट्रांसफर के मामले में नए एम्प्लॉयर को सरकारी फीस और ऑपरेशनल कॉस्ट देनी होगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.