सऊदी अरब में काम करने वाले सभी लोगों के लिए एक बड़ा अपडेट आया है। अब वहां नौकरी करने वाले हर कर्मचारी को हेल्थ टेस्ट से गुजरना होगा ताकि यह पक्का हो सके कि वे अपने काम के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से फिट हैं। यह नियम सरकारी, प्राइवेट और गैर-लाभकारी संस्थाओं में काम करने वाले सभी लोगों, जिनमें भारतीय प्रवासी भी शामिल हैं, पर लागू होगा।
इस नए नियम को Occupational Fitness and Non-Communicable Diseases Examinations Regulation नाम दिया गया है। इसे मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्री (Minister of Human Resources and Social Development) Ahmed Al-Rajhi ने लॉन्च किया था। यह नियम 22 अप्रैल 2026 से पूरी तरह लागू हो चुका है।
मेडिकल जांच के तीन मुख्य चरण
सरकार ने इस फिटनेस असेसमेंट के लिए तीन अलग-अलग तरह के टेस्ट तय किए हैं:
- General Medical Testing: इसमें सामान्य स्वास्थ्य की जांच होगी।
- Specialized Additional Testing: काम के हिसाब से कुछ खास टेस्ट किए जाएंगे।
- Psychological Testing: इसमें कर्मचारी के मानसिक स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।
कब-कब कराना होगा टेस्ट
कर्मचारियों को अलग-अलग समय पर ये टेस्ट करवाने होंगे:
- नौकरी मिलने से पहले: किसी भी व्यक्ति को काम शुरू करने से पहले फिट पाया जाना जरूरी है।
- नौकरी के दौरान: अगर कोई वर्क-एक्सीडेंट होता है, लंबी बीमारी के बाद काम पर लौटते हैं, या काम का माहौल बदलता है, तो फिर से टेस्ट होगा। हाई-रिस्क प्रोफेशन वाले लोगों का समय-समय पर टेस्ट होगा।
- नौकरी छोड़ने के बाद: जो लोग खतरनाक केमिकल्स या रेडिएशन वाले काम में थे, उन्हें नौकरी छोड़ने के बाद भी जांच करानी होगी।
कंपनी की जिम्मेदारी और कर्मचारी के अधिकार
इस पूरे प्रोसेस का खर्चा कंपनी (Employer) को उठाना होगा। कंपनी को कर्मचारी के हेल्थ रिकॉर्ड को गुप्त रखना होगा। अगर कोई कर्मचारी अपनी मौजूदा नौकरी के लिए फिट नहीं पाया जाता, तो कंपनी को उसे कोई दूसरा आसान काम देना होगा। अगर किसी कर्मचारी को टेस्ट के नतीजे सही नहीं लगते, तो वह 30 दिनों के भीतर इस पर आपत्ति जता सकता है, जिसकी जांच एक स्वतंत्र कमेटी करेगी।
मंत्री Ahmed Al-Rajhi ने बताया कि इस कदम का मकसद बीमारियों का जल्दी पता लगाना, वर्कप्लेस पर चोटों को कम करना और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाना है। इसके अलावा, 3 जुलाई 2026 से Regulation on Organising Work in High-Risk Professions भी लागू होगा, जिससे खतरनाक कामों में लगे मजदूरों के लिए नियम और सख्त हो जाएंगे।