सऊदी अरब में अब ऑफिस जाने वालों को अपने कपड़ों और व्यवहार का खास ख्याल रखना होगा। सरकार ने कार्यस्थलों पर प्रोफेशनल दिखावट और आचरण को लेकर सख्त नियम लागू किए हैं। इन नियमों की देखरेख Oversight and Anti-Corruption Authority जिसे Nazaha कहा जाता है और मानव संसाधन मंत्रालय मिलकर करेंगे।

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ये नियम सरकारी दफ्तरों के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर और गैर-लाभकारी संस्थाओं में काम करने वाले सभी कर्मचारियों पर लागू होंगे। सरकार का मकसद एक ऐसा माहौल बनाना है जो राष्ट्रीय पहचान को दर्शाए और पेशेवर मर्यादा को बनाए रखे।

पुरुषों और महिलाओं के लिए ड्रेस कोड

  • सऊदी पुरुषों के लिए: काम के दौरान, किसी कार्यक्रम में शामिल होते समय या मीडिया में दिखते समय आधिकारिक राष्ट्रीय पोशाक पहनना अनिवार्य होगा, जिसमें थूब के साथ घुटरा या शमाग शामिल है।
  • सऊदी महिलाओं के लिए: ऑफिस या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शालीन और शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनने होंगे। कपड़े न तो ज्यादा टाइट होने चाहिए और न ही पारदर्शी।
  • गैर-सऊदी पुरुषों (प्रवासियों) के लिए: जो लोग सऊदी के नहीं हैं, वे फॉर्मल सूट या अपने देश की राष्ट्रीय पोशाक पहन सकते हैं। शर्त यह है कि पहनावा प्रोफेशनल हो और वहां की संस्कृति या कार्यस्थल के नियमों के खिलाफ न हो।

व्यवहार और आचरण के नियम

सिर्फ कपड़ों पर ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के बर्ताव पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। सभी कर्मचारियों को काम के दौरान ईमानदारी, पारदर्शिता, जिम्मेदारी और दूसरों की प्राइवेसी का सम्मान करना होगा।

इसके अलावा कुछ बातों पर सख्त पाबंदी लगाई गई है:

  • इस्लामी शिक्षाओं और सऊदी अरब के रीति-रिवाजों के खिलाफ कोई भी व्यवहार नहीं किया जाएगा।
  • किसी भी धर्म का अपमान करना या कबीलाई भेदभाव को बढ़ावा देना मना है।
  • काम के दौरान ऐसी राजनीतिक बातें या वैचारिक विचार रखने से बचना होगा जिससे सऊदी अरब की छवि या उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे।
  • कपड़े साफ-सुथरे होने चाहिए और उन पर किसी भी तरह का राजनीतिक या वैचारिक संदेश नहीं होना चाहिए।

नियम तोड़ने पर क्या होगा

Ministry of Human Resources and Social Development ने साफ किया है कि इन नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने कर्मचारियों से इन नियमों का पालन करवाएं। अगर कंपनी ऐसा करने में नाकाम रहती है, तो लेबर लॉ के तहत उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।