सऊदी अरब की सरकार ने देश में विदेशियों और गैर-निवासी विदेशी कंपनियों के लिए प्रॉपर्टी खरीदने के नियमों को बहुत आसान और साफ कर दिया है। ‘इन्वेस्टर गाइड 2026’ के तहत जारी इन नए नियमों के बाद अब प्रवासी (Expats) और विदेशी कंपनियां सऊदी अरब में जमीन या मकान खरीद सकेंगी। इससे वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा और वे अपने रहने के लिए घर खरीद सकेंगे। सरकार के इस कदम से सऊदी में लंबे समय से रह रहे लोगों को निवेश करने और अपनी जड़ें मजबूत करने का मौका मिलेगा।
विदेशी कंपनियों के लिए प्रॉपर्टी खरीदने के नए नियम क्या हैं?
सऊदी अरब के निवेश मंत्रालय (MISA) ने साफ किया है कि जो विदेशी कंपनियां सऊदी में कोई बिजनेस या आर्थिक गतिविधि नहीं कर रही हैं, वे भी अब वहां संपत्ति खरीद सकती हैं। इसके लिए उन्हें मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल पर जाकर तुरंत रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए कंपनियों को अपने देश का कमर्शियल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, आर्टिकल्स ऑफ इंकॉर्पोरेशन और कंपनी के प्रतिनिधि का अथॉराइजेशन लेटर देना होगा। ये सभी दस्तावेज हिंदी या अंग्रेजी से अनूदित होकर सऊदी दूतावास से सत्यापित होने चाहिए। इसके साथ ही, हर साल कंपनियों को यह कन्फर्म करना होगा कि उनके पार्टनर या मालिकाना हक में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
प्रवासियों (Expats) पर इस कानून का क्या असर पड़ेगा?
नए कानून के तहत सऊदी में रहने वाले वैध इकामा होल्डर्स (Iqama Holders) को अपने रहने के लिए पर्सनल प्रॉपर्टी खरीदने का अधिकार मिला है। हालांकि, वे मक्का और मदीना के प्रतिबंधित इलाकों में संपत्ति नहीं खरीद सकते। मुस्लिम प्रवासियों के लिए मक्का और मदीना के कुछ खास जोन में प्रॉपर्टी खरीदने की छूट दी गई है, लेकिन इसके लिए कुछ खास शर्तें तय की गई हैं। रियल एस्टेट जनरल अथॉरिटी (REGA) ने करीब 170 विशेष क्षेत्रों की पहचान की है जहां विदेशी लोग निवेश कर सकते हैं। इनमें रियाद के अल ओलैया, अल मलक, जेद्दाह कॉर्निश और नियोम (NEOM) जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर कितना टैक्स और फीस देनी होगी?
सऊदी सरकार ने नए नियमों के साथ टैक्स का ढांचा भी तय किया है। अब गैर-सऊदी लोगों के प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर 5% तक की रियल एस्टेट ट्रांजैक्शन फीस लगेगी। इसके अलावा 5% का रियल एस्टेट ट्रांसफर टैक्स (RETT) पहले से ही लागू है। इसका मतलब है कि कुल मिलाकर प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर 10% तक का खर्च आ सकता है। फिर भी विश्लेषकों का मानना है कि यह नया नियम प्रवासियों को किराए के मकानों से मुक्ति दिलाकर खुद का घर खरीदने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या सऊदी में प्रॉपर्टी खरीदने से तुरंत नागरिकता या पक्की रेजिडेंसी मिल जाएगी?
नहीं, सऊदी अरब में सिर्फ प्रॉपर्टी खरीदने से किसी विदेशी को ऑटोमेटिक रेजिडेंसी या लॉन्ग-टर्म अधिकार नहीं मिलते हैं। यह वहां के तय कानूनी ढांचे और व्यक्ति के लीगल स्टेटस के अधीन रहेगा।
क्या गैर-मुस्लिम लोग मक्का और मदीना में प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं?
नहीं, मक्का और मदीना में प्रॉपर्टी खरीदने का अधिकार केवल मुस्लिम प्रवासियों को ही विशेष नियमों के तहत कुछ तय क्षेत्रों में दिया गया है। विदेशी कंपनियों को इन पवित्र शहरों में प्रॉपर्टी खरीदने की अनुमति नहीं है।
