सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों के लिए घर खरीदने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब गैर-सऊदी जीवनसाथी और उनके बच्चों को मुख्य प्रॉपर्टी मालिक का आश्रित (dependent) माना जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि ये लोग अलग से अपने नाम पर रहने के लिए घर नहीं खरीद सकेंगे।

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कौन हैं आश्रित और क्या है नियम

नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई गैर-सऊदी व्यक्ति सऊदी अरब में घर खरीदता है, तो उसके गैर-सऊदी पति या पत्नी और बच्चों को उसका आश्रित माना जाएगा। नियम यह कहता है कि ये आश्रित लोग खुद से अलग आवासीय संपत्ति के मालिक नहीं बन सकते।

हालांकि, इस पाबंदी के दो अपवाद हैं। अगर शादी टूट जाती है या तलाक हो जाता है, तो यह नियम लागू नहीं होगा। इसके अलावा, जब बच्चा 25 साल की उम्र पूरी कर लेगा, तब वह अपने नाम पर प्रॉपर्टी खरीद सकेगा। वर्तमान नियमों के तहत, सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों को अपने और अपने आश्रितों के लिए केवल एक आवासीय संपत्ति रखने की अनुमति है।

इन सरकारी संस्थाओं की होगी भूमिका

इस पूरे सिस्टम को चलाने के लिए कुछ मुख्य विभागों को जिम्मेदारी दी गई है:

  • Real Estate General Authority (REGA): यह संस्था नए कानून को लागू करेगी। उन्होंने “Saudi Properties” नाम का एक डिजिटल पोर्टल बनाया है, जहाँ विदेशी लोग घर खरीदने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • Ministry of Interior: सऊदी अरब में रहने वाले किसी भी विदेशी व्यक्ति को अपना निजी घर खरीदने के लिए आंतरिक मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी।
  • Ministry of Investment: जो विदेशी कंपनियां सऊदी अरब में प्रॉपर्टी खरीदना चाहती हैं, उन्हें “Invest Saudi” प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश मंत्रालय में रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
  • Council of Ministers: कैबिनेट ने ही उन खास इलाकों को तय किया है जहाँ विदेशी लोग प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं।

प्रॉपर्टी खरीदने की शर्तें और पाबंदियां

नया कानून अब पुराने तरीके से अलग है। अब यह केवल मंजूरी पर नहीं, बल्कि तय किए गए इलाकों (designated zones) पर आधारित है। रियाद के किड्डिया (Qiddiya), न्यू मुरब्बा और किंग अब्दुल्ला फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट जैसे इलाकों के साथ-साथ जेद्दा में भी विदेशी लोग प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं।

मक्का और मदीना के लिए नियम बहुत सख्त हैं। इन पवित्र शहरों में केवल मुस्लिम व्यक्ति (चाहे वे वहां रहते हों या नहीं) और लाइसेंस प्राप्त सऊदी कंपनियां ही प्रॉपर्टी के मालिक बन सकते हैं। गैर-मुस्लिमों के लिए इन शहरों में प्रॉपर्टी खरीदना और वहां जाना मना है। साथ ही, सैन्य क्षेत्रों, बॉर्डर इलाकों और सरकार द्वारा नियंत्रित कुछ खास जगहों पर भी विदेशी लोग संपत्ति नहीं खरीद सकते।

रजिस्ट्रेशन और टैक्स की जानकारी

कोई भी विदेशी व्यक्ति जब प्रॉपर्टी खरीदेगा, तो उसे सरकारी रिकॉर्ड और नेशनल रियल एस्टेट रजिस्ट्री में दर्ज कराना जरूरी होगा, तभी उसे कानूनी माना जाएगा। इस खरीदारी पर Real Estate Transaction Tax (RETT) लगेगा, जिसकी दर अधिकतम 5% होगी। इसके अलावा कुछ अन्य ट्रांजैक्शन फीस भी देनी पड़ सकती है।

यह नया कानून 22 जनवरी 2026 से पूरी तरह लागू हो चुका है और इसके कार्यकारी नियम 23 जून 2026 को कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए थे।