सऊदी अरब साल 1447 हिजरी में कई बड़े बदलाव कर रहा है. देश अब डिजिटल सेवाओं और आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) के मामले में दुनिया के टॉप देशों में शामिल हो गया है. साथ ही विदेशी लोगों के लिए प्रॉपर्टी खरीदने के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों को बड़ा फायदा होगा.

डिजिटल गवर्नेंस और AI में सऊदी का दबदबा

वर्ल्ड बैंक ग्रुप द्वारा जारी GTMI 2025 इंडेक्स के मुताबिक, सऊदी अरब डिजिटल गवर्नेंस के मामले में दुनिया में दूसरे नंबर पर रहा. इस रैंकिंग में कुल 197 देशों को शामिल किया गया था और सऊदी ने 99.64% स्कोर हासिल किया.

इसी तरह, स्टैनफोर्ड इंस्टीट्यूट के 2025 AI इंडेक्स में सऊदी अरब को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश माना गया है. यह रैंकिंग AI मॉडल बनाने और इससे जुड़ी नौकरियों की बढ़त के आधार पर दी गई है. इस लिस्ट में सऊदी अरब से आगे सिर्फ अमेरिका और चीन हैं.

गैर-सعودियों के लिए प्रॉपर्टी के नए नियम

जनरल रियल एस्टेट अथॉरिटी ने ऐलान किया है कि अब गैर-सऊदी नागरिक भी सऊदी अरब में प्रॉपर्टी के मालिक बन सकते हैं. यह नया नियम 22 जनवरी 2026 से लागू हो गया है. जो लोग प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं, वे सरकारी डिजिटल पोर्टल ‘Saudi Properties’ के जरिए आवेदन कर सकते हैं.

यह सुविधा निवासी और गैर-निवासी दोनों तरह के विदेशी लोगों और कंपनियों के लिए होगी. हालांकि, मक्का और मदीना में जमीन खरीदने पर पाबंदी रहेगी. इन दोनों पवित्र शहरों में सिर्फ सऊदी कंपनियां और मुस्लिम नागरिक ही प्रॉपर्टी खरीद सकेंगे.

बंदरगाहों का होगा विस्तार

सऊदी पोर्ट्स अथॉरिटी (Mawani) ने रास अल खैर पोर्ट में ऑफशोर स्ट्रक्चर और प्लेटफॉर्म बनाने वाले सेंटर के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है. इस प्रोजेक्ट में 139 मिलियन सऊदी रियाल (करीब 37 मिलियन डॉलर) का निवेश होगा. यह सेंटर तेल और गैस इंडस्ट्री के काम आएगा.

इसके अलावा, Mawani ने चीन की ZTT ग्रुप के साथ एक और समझौता किया है. इसके तहत रास अल खैर पोर्ट में 375 मिलियन रियाल की लागत से एक केबल बनाने वाला प्लांट लगाया जाएगा, जो हर साल हजारों किलोमीटर लंबी फाइबर ऑप्टिक और सबमरीन केबल तैयार करेगा.