सऊदी अरब ने विदेशी नागरिकों के लिए प्रॉपर्टी खरीदना अब पहले से आसान कर दिया है। विजन 2030 के तहत सरकार ने नए नियम लागू किए हैं ताकि विदेशी निवेश को बढ़ाया जा सके। इसके लिए रियल एस्टेट जनरल अथॉरिटी (REGA) ने ‘Saudi Properties’ नाम का एक डिजिटल पोर्टल भी शुरू किया है।

नए नियमों के मुताबिक, अब प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के लिए सभी आवेदन एक ही इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल के जरिए होंगे। यह कानून 22 जनवरी 2026 से लागू हो गया था और कैबिनेट ने 23 जून 2026 को इसके विस्तृत नियमों को मंजूरी दी। अब विदेशी लोग फ्रीहोल्ड ओनरशिप और लंबे समय के लीज जैसे अधिकार पा सकेंगे। हालांकि, मक्का और मदीना में प्रॉपर्टी खरीदने पर अब भी पाबंदियां हैं और यह मुख्य रूप से मुस्लिम व्यक्तियों और सऊदी कंपनियों तक सीमित है।

आवेदन करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। जो लोग सऊदी अरब में रह रहे हैं, वे अपने रेजिडेंसी नंबर (इकामा) से सीधे आवेदन कर सकते हैं। वहीं, जो लोग सऊदी अरब से बाहर रहते हैं, उन्हें पहले सऊदी मिशन के जरिए डिजिटल पहचान पत्र लेना होगा। विदेशी कंपनियों को आवेदन से पहले ‘Invest Saudi’ प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश मंत्रालय (Ministry of Investment) में रजिस्ट्रेशन कराना होगा और नेशनल यूनिफाइड नंबर लेना होगा।

ट्रांसफर फीस और टैक्स का विवरण

सरकार ने कुछ खास शहरों और प्रॉपर्टी के प्रकारों पर ट्रांसफर फीस तय की है। यह फीस मौजूदा 5% रियल एस्टेट ट्रांजेक्शन टैक्स (RETT) के अलावा होगी।

प्रॉपर्टी का प्रकार और क्षेत्र ट्रांसफर फीस (Transfer Fee)
रियाद, जेद्दा, मक्का और मदीना (आवासीय प्रॉपर्टी) 2.5%
रियाद, जेद्दा, मक्का और मदीना (कमर्शियल, इंडस्ट्रियल, कृषि) 0%
स्पेशल इकोनॉमिक जोन (इन्वेस्टमेंट प्रॉपर्टी) 2.5%
स्पेशल इकोनॉमिक जोन (आवासीय यूनिट) 0%
सऊदी अरब के अन्य सभी क्षेत्र 0%
सामान्य रियल एस्टेट ट्रांजेक्शन टैक्स (RETT) 5%
गलत जानकारी देने पर अधिकतम जुर्माना 10 मिलियन रियाल

नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान है। अगर कोई गैर-सऊदी नागरिक प्रॉपर्टी पाने के लिए जानबूझकर गलत या भ्रामक जानकारी देता है, तो उस पर प्रॉपर्टी की कीमत का 5% तक जुर्माना लगाया जा सकता है, जिसकी अधिकतम सीमा 10 मिलियन रियाल है। इसके साथ ही सरकार उस प्रॉपर्टी को जबरन बेचने का आदेश भी दे सकती है। सऊदी कंपनियों में विदेशी पार्टनर होने पर अगर प्रॉपर्टी की जरूरतों के बारे में गलत जानकारी दी गई, तो 2 मिलियन रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।

इन सभी नियमों की निगरानी रियल एस्टेट जनरल अथॉरिटी (REGA) की एक विशेष कमेटी करेगी। अगर किसी को फैसले पर आपत्ति होगी, तो वे एडमिनिस्ट्रेटिव कोर्ट में अपील कर सकेंगे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.