सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों के लिए सरकार ने कई अहम बदलाव किए हैं। अब वीज़ा और इकामा रिन्यूअल जैसी सुविधाओं के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही सऊदी अरब ने पर्यटन के क्षेत्र में 123 मिलियन सैलानियों का स्वागत कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है।
प्रवासियों के लिए नए नियम और कार्रवाई
सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय और अन्य विभागों ने प्रवासियों के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। 4 जून से 10 जून 2026 के बीच अधिकारियों ने करीब 8,000 बिना कागज़ वाले प्रवासियों को देश से बाहर निकाला। इस दौरान लेबर और बॉर्डर नियमों के उल्लंघन में 10,700 से ज़्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। बिना कागज़ वाले प्रवासियों की मदद करने वालों को 15 साल तक की जेल और 10 लाख रियाल तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
इकामा रिन्यूअल के लिए अब 1 जून 2026 से नया डिजिटल हेल्थ पासपोर्ट लागू हुआ है। अब सभी मेडिकल चेक-अप केवल मान्यता प्राप्त सेंटर्स पर होंगे और इनकी रिपोर्ट Sehaty ऐप के ज़रिए सीधे जわざत (Jawazat) को भेजी जाएगी।
1 जुलाई 2026 से प्रवासियों के लिए एग्जिट-रीएंट्री वीज़ा के आवेदन अब केवल Absher प्लेटफॉर्म के ज़रिए ही लिए जाएंगे। इसके अलावा, गाड़ी के मालिकाना हक (Vehicle Ownership) का ट्रांसफर भी अब पूरी तरह से Absher के ज़रिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से होगा।
श्रमिकों के रहने की स्थिति सुधारने के लिए मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने नया आदेश दिया है। अब जिन छोटी और मध्यम कंपनियों में 20 या उससे ज़्यादा वर्कर काम करते हैं, उन्हें अपने हाउसिंग नियमों को ठीक करना होगा।
पर्यटन क्षेत्र में ऐतिहासिक बढ़त
पर्यटन मंत्री अहमद अल-खतीब ने साल 2025 की वार्षिक सांख्यिकीय रिपोर्ट जारी की। उन्होंने बताया कि पर्यटन क्षेत्र अब सऊदी अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने वाला एक बड़ा इंजन बन गया है। साल 2025 में देश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में 6 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।
| विवरण | आंकड़ा (2025) |
|---|---|
| कुल पर्यटक (इनबाउंड और घरेलू) | 123 मिलियन |
| कुल पर्यटन खर्च | 304 बिलियन रियाल |
| अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक | 29.3 मिलियन |
| घरेलू पर्यटन यात्राएं | 93.3 मिलियन |
| गैर-धार्मिक यात्राएं | 52 प्रतिशत |
| पर्यटन क्षेत्र में नौकरियां | 10 लाख से ज़्यादा |
| पर्यटन क्षेत्र में सऊदी महिलाएं | 47 प्रतिशत |
रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार गैर-धार्मिक यात्राओं की संख्या धार्मिक यात्राओं से ज़्यादा रही। पर्यटन क्षेत्र का जीडीपी में योगदान भी बढ़ा है। हालाँकि, 2026 के शुरुआती पांच महीनों में ईरान विवाद के कारण पर्यटन में 5 से 6 प्रतिशत की गिरावट आई, लेकिन धार्मिक पर्यटन की वजह से इस असर को कम किया जा सका। सऊदी अरब का लक्ष्य 2030 तक पर्यटन के जीडीपी योगदान को 600 बिलियन रियाल तक ले जाना है।