सऊदी अरब में रहने वाले और वहां जाकर नौकरी करने की इच्छा रखने वाले प्रवासियों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। सऊदी सरकार ने प्रोफेशनल वेरिफिकेशन प्रोग्राम के तहत अब 1,007 पेशों के लिए स्किल टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है कि अब केवल डिग्री या अनुभव प्रमाण पत्र होने से काम नहीं चलेगा बल्कि कामगारों को अपना हुनर भी साबित करना होगा। यह नियम भारत और अन्य देशों से आने वाले तकनीकी और पेशेवर लोगों पर सीधा असर डाल रहा है।

इन पेशों के लिए टेस्ट अनिवार्य और क्या है वर्गीकरण

सऊदी सरकार ने वर्क परमिट को अब तीन मुख्य श्रेणियों में बांट दिया है ताकि काम की गुणवत्ता बनी रहे। इसमें प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और वेल्डर जैसे तकनीकी कामों से लेकर इंजीनियरिंग और हेल्थकेयर जैसे उच्च स्तरीय पेशे शामिल हैं। कंपनियों के लिए अब यह अनिवार्य है कि वे अपने सभी विदेशी कर्मचारियों की जानकारी Qiwa प्लेटफॉर्म पर अपडेट करें।

श्रेणी पेशे (Professions)
High-Skilled डॉक्टर, इंजीनियर, IT विशेषज्ञ
Skilled तकनीशियन, सुपरवाइजर, प्रशासनिक कर्मचारी
Basic शारीरिक श्रम और मैनुअल लेबर

फीस, रिजल्ट और टेस्ट में फेल होने के परिणाम

इस स्किल वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट के लिए लगभग 50 डॉलर की फीस निर्धारित की गई है जो अलग-अलग देशों के हिसाब से थोड़ी बदल सकती है। टेस्ट देने के बाद डिजिटल सर्टिफिकेट आमतौर पर 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता है। अगर कोई कामगार इस प्रोफेशनल टेस्ट में फेल हो जाता है तो उसे नौकरी के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।

  • बिना सर्टिफिकेट के नया वर्क वीज़ा जारी नहीं होगा।
  • पुराने कर्मचारियों के इकामा (Iqama) का नवीनीकरण रुक सकता है।
  • अनुभव पत्रों और डिग्रियों का कड़ाई से सत्यापन किया जा रहा है।
  • Qiwa प्लेटफॉर्म पर सही जॉब टाइटल अपडेट करना जरूरी है।

सऊदी अरब का मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) अब प्रवासियों की भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बना रहा है। इस नए सिस्टम से फर्जी एजेंटों और बिना हुनर के काम करने वालों पर लगाम लगेगी। सभी प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी स्किल कैटेगरी के हिसाब से तैयारी रखें ताकि वीज़ा नवीनीकरण के समय कोई समस्या न आए।