सऊदी अरब सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग जैसे अपराधों में पकड़ी गई संपत्तियों के लिए नए नियम बनाए हैं। 26 जून 2026 को कैबिनेट ने इस फैसले पर मुहर लगाई। इस नए सिस्टम से जब्त संपत्तियों का हिसाब-किताब सही रहेगा और उनका इस्तेमाल देश की तरक्की के लिए किया जाएगा।
यह नियम कैबिनेट के फैसले नंबर 16/1448 के तहत जारी किए गए हैं। ये नियम गजट में छपने के 90 दिनों बाद से लागू हो जाएंगे। सरकार ने इसके लिए General Authority for Minors’ Funds और अन्य संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी है।
सऊदी अरब अपनी वित्तीय व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार बदलाव कर रहा है। इसी कड़ी में अप्रैल 2026 में एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून में भी बदलाव किए गए थे। अब गैर-सऊदी नागरिकों के लिए बॉर्डर कंट्रोल और सख्त कर दिया गया है। Saudi Central Bank (SAMA) और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने वाली स्पेशल कमेटी इन नियमों पर नजर रख रही है।
जो लोग सऊदी अरब की यात्रा करते हैं या वहां रहते हैं, उनके लिए कैश ले जाने के नियम बदल गए हैं। अब बॉर्डर पर 40,000 सऊदी रियाल या उससे ज्यादा कैश और कीमती सामान होने पर उसकी जानकारी देना जरूरी है। पहले यह सीमा 60,000 रियाल थी। Zakat, Tax and Customs Authority (ZATCA) के पास अब बिना जानकारी वाले सामान को जब्त करने का अधिकार है।
इसके अलावा, जुलाई 2026 से विदेशी लोगों के लिए प्रॉपर्टी खरीदने के नियम भी बदल गए हैं। अब सभी लेन-देन एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होंगे। अगर कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे भारी जुर्माना भरना होगा। अक्टूबर 2026 से एक नया एनफोर्समेंट कानून भी लागू होगा, जिससे कर्जदारों की संपत्ति का पता लगाना आसान हो जाएगा।
| नियम या बदलाव | नई सीमा या विवरण | जुर्माना या असर |
|---|---|---|
| कैश डिक्लेरेशन | 40,000 सऊदी रियाल (पहले 60,000 था) | जब्त राशि का 10% से 50% |
| विदेशी प्रॉपर्टी नियम | डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ाव | 1 करोड़ (10 मिलियन) रियाल तक |
| एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग | गैर-सऊदी नागरिकों के लिए सख्त बॉर्डर कंट्रोल | संपत्ति जब्ती की शक्तियां बढ़ीं |
| एनफोर्समेंट कानून | कर्जदारों की संपत्ति का खुलासा | अक्टूबर 2026 से लागू |
