सऊदी अरब ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री जहाजों पर काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जताई है। जेनेवा में आयोजित इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) की 50वीं बैठक के दौरान सऊदी अरब ने साफ किया कि वह समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने और वैश्विक व्यापार को बचाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस मौके पर सऊदी ने उन सभी हमलों की निंदा की जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं और समुद्री परिवहन के लिए खतरा पैदा करते हैं।

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जहाजों के कागजातों और परमिट में मिली 30 दिनों की राहत

सऊदी अरब की ट्रांसपोर्ट जनरल अथॉरिटी (TGA) ने मौजूदा हालातों को देखते हुए एक बड़ा ऐलान किया है। सऊदी के समुद्री इलाकों में चलने वाले जहाजों के लिए लाइसेंस और वर्क परमिट के नवीनीकरण से जुड़ी शर्तों में 30 दिनों की छूट दी गई है। यह फैसला 24 मार्च 2026 से प्रभावी हो गया है। यह राहत सऊदी और विदेशी दोनों तरह के झंडे वाले जहाजों के लिए है जो सऊदी अरब के समुद्री क्षेत्र (Arabian Gulf) में मौजूद हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि तनाव के माहौल में भी समुद्री कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहे।

नाविकों की सुरक्षा और व्यापार पर असर

समुद्री सुरक्षा को लेकर हुए इस बड़े घटनाक्रम में कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं, जिन्हें नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:

मुख्य बिंदु विवरण
लागू होने की तारीख 24 मार्च 2026
छूट की अवधि 30 दिन (जरूरत पड़ने पर बढ़ाई जा सकती है)
प्रभावित जहाज सऊदी और विदेशी झंडे वाले सभी जहाज
प्रमुख संस्था Transport General Authority (TGA)
मुख्य चिंता सप्लाई चेन और नाविकों की सुरक्षा

सऊदी अरब के प्रतिनिधि इंजीनियर कमाल अल-जुनैदी ने कहा कि सऊदी अरब समुद्री सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि लाल सागर और अरेबियन गल्फ के व्यापारिक गलियारों को सुरक्षित रखना उनकी प्राथमिकता है। समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव ने भी देशों से तनाव कम करने की अपील की है क्योंकि इस संघर्ष में अब तक कई नाविकों की जान जा चुकी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि समुद्र में काम करने वाले लोग किसी भी विवाद का शिकार नहीं होने चाहिए और उन्हें असुरक्षित इलाकों में जाने से मना करने का अधिकार होना चाहिए।