सऊदी अरब के बंदरगाहों को अब दुनिया के 17 बड़े पोर्ट्स से सीधे जोड़ दिया गया है। सऊदी पोर्ट्स अथॉरिटी यानी Mawani ने हाल ही में कई नई शिपिंग सेवाओं की शुरुआत की है। इस कदम से न केवल सप्लाई चेन मजबूत होगी बल्कि दुनिया भर में सामान भेजने और मंगाने में भी काफी आसानी होगी। इससे सऊदी अरब को एक बड़ा ग्लोबल लॉजिस्टिक्स हब बनाने में मदद मिलेगी।

किन देशों और शहरों के बंदरगाहों से जुड़ा सऊदी अरब?

सऊदी अरब ने अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए चीन, भारत और सिंगापुर जैसे देशों के बड़े बंदरगाहों को चुना है। इसमें भारत के न्हावा शेवा और मुंद्रा पोर्ट शामिल हैं, जिससे भारतीय व्यापारियों को सीधा फायदा होगा। इसके अलावा चीन के शंघाई और किंगडाओ जैसे व्यस्त पोर्ट्स से भी सीधा संपर्क होगा। जॉर्डन, मिस्र, सोमालिया और जिबूती के बंदरगाह भी इस लिस्ट में शामिल किए गए हैं।

  • भारत: न्हावा शेवा और मुंद्रा पोर्ट
  • चीन: किंगडाओ, शंघाई, निंगबो, नानशा और शेकौ
  • खाड़ी देश: बहरीन का खलीफा पोर्ट और इराक का उम्म कसर पोर्ट
  • अन्य: सिंगापुर, मिस्र का सोखना और जॉर्डन का अकाबा पोर्ट

नई शिपिंग सर्विस और व्यापार पर इसका असर

Mawani ने मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान कई नई सेवाएं शुरू की हैं, जिससे लगभग 63,594 कंटेनर क्षमता बढ़ जाएगी। इससे एक्सपोर्टर और इंपोर्टर को सामान भेजने में ज्यादा लचीलापन मिलेगा। यह पूरा बदलाव विजन 2030 के उद्देश्यों को ध्यान में रखकर किया गया है। इन सेवाओं के लिए MSC, CMA CGM, Maersk और Hapag-Lloyd जैसी बड़ी शिपिंग कंपनियों के साथ हाथ मिलाया गया है।

सर्विस का नाम जुड़ने वाले मुख्य बंदरगाह ऑपरेटर कंपनी
RGS सर्विस न्हावा शेवा, मुंद्रा, जिबूती, बरबरा PIL
RS2 सर्विस चीन के 9 पोर्ट, सिंगापुर, मिस्र, जॉर्डन PIL
GULF SHUTTLE खलीफा बिन सलमान (बहरीन), उम्म कसर (इराक) MSC
SE4 सर्विस किंगडाओ, शंघाई, सिंगापुर Hapag-Lloyd