सऊदी अरब की पोर्ट्स अथॉरिटी (Mawani) ने समुद्री व्यापार को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। दम्माम स्थित किंग अब्दुलअज़ीज़ पोर्ट को अब क्षेत्रीय बंदरगाहों से जोड़ने के लिए 5 नई शिपिंग सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। इस कदम से सऊदी अरब का समुद्री नेटवर्क और भी बड़ा हो जाएगा और खाड़ी देशों के बीच सामान की आवाजाही में काफी सुधार देखने को मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि सऊदी को पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बनाया जाए।

किन देशों और बंदरगाहों को इस सेवा से जोड़ा गया है?

इस नई सर्विस के जरिए सऊदी अरब के दम्माम पोर्ट को पड़ोसी देशों के मुख्य पोर्ट्स से जोड़ा जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से बहरीन का खलीफा बिन सलमान पोर्ट और इराक का उम्म अल-कसर पोर्ट शामिल है। इसके अलावा यूएई के शारजाह और अबू धाबी के बंदरगाह भी इस नेटवर्क का हिस्सा बनेंगे। इन नई सेवाओं को शुरू करने के लिए दुनिया की बड़ी शिपिंग कंपनियों जैसे MSC, Maersk और Hapag-Lloyd के साथ हाथ मिलाया गया है।

  • दम्माम पोर्ट अब इराक के उम्म अल-कसर पोर्ट से सीधे जुड़ेगा
  • बहरीन के खलीफा बिन सलमान पोर्ट तक सामान पहुंचाना होगा आसान
  • यूएई के शारजाह और अबू धाबी के लिए भी शुरू हुई नई शिपिंग लाइन
  • इन सेवाओं की कुल क्षमता 63,000 टीईयू (TEU) से ज्यादा रखी गई है

आम लोगों और व्यापारियों को इससे क्या फायदा होगा?

इस नई व्यवस्था से व्यापारिक सामान की ढुलाई में लगने वाला समय कम हो जाएगा। जब समुद्री रास्ते सुगम होते हैं, तो बाजार में चीजों की उपलब्धता बनी रहती है और सप्लाई चेन में कोई रुकावट नहीं आती। इससे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां बिजनेस करने वाले लोगों को काफी मदद मिलेगी क्योंकि माल ढुलाई का खर्चा और समय दोनों की बचत होगी। यह पूरी योजना सऊदी के विजन 2030 के तहत तैयार की गई है।

प्रमुख जानकारी विवरण
मुख्य पोर्ट किंग अब्दुलअज़ीज़ पोर्ट, दम्माम
पार्टनर कंपनियां MSC, Maersk, CMA CGM, Hapag-Lloyd
कनेक्टिविटी बहरीन, इराक और यूएई के पोर्ट्स
सर्विस का नाम गल्फ शटल सर्विस (GULF SHUTTLE)
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.