सऊदी अरब के फेडरेशन ऑफ सऊदी चैंबर्स ने ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए एक नया निर्देश जारी किया है। इसके तहत कंपनियों को ट्रांजिट (Transit) ट्रकों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया है। यह फैसला सऊदी सीमा से गुजरने वाले सामानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लिया गया है ताकि सप्लाई चेन में कोई रुकावट न आए।

ℹ️: Iran New Leader: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का पहला संदेश, हूती और हिजबुल्लाह को कहा शुक्रिया

ट्रांजिट ट्रकों के लिए क्या हैं नए नियम?

विदेशी ट्रकों को सऊदी अरब के अंदर एक शहर से दूसरे शहर सामान ले जाने की सख्त मनाही है। इस नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने चेकिंग तेज कर दी है।

ये विदेशी ट्रक केवल विदेश से सऊदी अरब के किसी एक तय पते पर सामान ला सकते हैं और अपने पुराने रास्ते से वापस लौट सकते हैं।

इसके अलावा सऊदी अरब में घुसने वाले ट्रांजिट ट्रकों के लिए 20 साल की उम्र सीमा भी सख्ती से लागू कर दी गई है। जो ट्रक 20 साल से ज्यादा पुराने हैं उन्हें एंट्री नहीं दी जाएगी। कुछ पड़ोसी देशों को कुछ खास ट्रकों के लिए छोटी मोहलत दी गई है लेकिन आम नियम सख्त बना रहेगा।

नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना लगेगा?

ट्रांसपोर्ट जनरल अथॉरिटी (TGA) ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए भारी जुर्माने का ऐलान किया है। अगर कोई कंपनी या ड्राइवर नियम तोड़ता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उल्लंघन का प्रकार जुर्माना और सजा
पहली बार नियम तोड़ने पर 10,000 रियाल जुर्माना और 15 दिन के लिए ट्रक जब्त
बार-बार नियम तोड़ने पर (पांचवी बार) 160,000 रियाल तक जुर्माना और ट्रक की जब्ती

इस फैसले का क्या असर होगा?

इस कदम का मुख्य उद्देश्य बॉर्डर पर लगने वाली भीड़ को कम करना और सामान की डिलीवरी को तेज करना है। इससे गल्फ देशों और दुनिया भर के बीच जरूरी सामान बिना देरी के पहुंच सकेगा।

लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार समुद्र के रास्ते सामान आने में जो देरी हो रही है उससे बचने के लिए सड़क के रास्ते ट्रांजिट ट्रकों की संख्या बढ़ाना एक जरूरी कदम था। इससे कारोबारियों और आम लोगों तक सामान समय पर पहुंच सकेगा।