सऊदी अरब में इस वक्त उमराह का पीक सीजन चल रहा है और मक्का-मदीना में लाखों की संख्या में जायरीन पहुंच रहे हैं। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के आधिकारिक बयान के अनुसार, जायरीनों की सुरक्षा के लिए नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए प्रशासन ने मक्का और मदीना में 18,000 से ज्यादा कर्मचारियों और 6,000 गाड़ियों को तैनात किया है। अगर आप भी गल्फ से या भारत से उमराह के लिए जाने वाले हैं, तो नए नियमों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

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रमज़ान में उमराह और वीज़ा के नए नियम क्या हैं?

रमज़ान के पवित्र महीने में भीड़ को कम करने के लिए हज और उमराह मंत्रालय (MHU) ने एक नया नियम लागू किया है। इसके तहत एक व्यक्ति केवल एक ही बार उमराह कर सकता है। Nusuk ऐप पर एक ही व्यक्ति के लिए दोबारा परमिट जारी नहीं किया जाएगा ताकि सभी लोगों को मौका मिल सके और भीड़ जमा न हो।

इसके साथ ही हर जायरीन के पास Nusuk Card होना अनिवार्य है। इसी कार्ड के जरिए मक्का, मदीना, मीना और अराफात जैसी पवित्र जगहों पर एंट्री मिलेगी। बिना इसके पकड़े जाने पर जुर्माना लगाया जा सकता है या हिरासत में लिया जा सकता है।

  • उमराह वीज़ा जारी होने की आखिरी तारीख: 19 मार्च 2026
  • सऊदी पहुंचने की आखिरी तारीख: 2 अप्रैल 2026
  • उमराह जायरीनों के लिए फाइनल एग्जिट: 18 अप्रैल 2026

जायरीनों की सुरक्षा और कंपनियों पर कार्रवाई

सऊदी सरकार जायरीनों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर काफी सख्त है। हाल ही में हज मंत्रालय ने 3 उमराह कंपनियों को सस्पेंड कर दिया क्योंकि उन्होंने लोगों को तय सुविधा और रिहाइश नहीं दी थी। ग्रैंड मस्जिद के गेट पर अब लाल और हरे रंग के डिजिटल बोर्ड लगाए गए हैं। लाल रंग का मतलब है कि अंदर जगह फुल हो चुकी है और एंट्री बंद है।

स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से सभी को कोविड, मेनिनजाइटिस और पोलियों जैसी जरूरी वैक्सीन लगी होनी चाहिए। इसके अलावा 65 साल से अधिक उम्र के लोगों के साथ एक साथी का होना जरूरी है। हथियार रखना, भीख मांगना या बिना लाइसेंस के सामान बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है। किसी भी आपात स्थिति में मक्का और मदीना में 911 पर कॉल करके सुरक्षाकर्मियों से मदद ली जा सकती है।