सऊदी अरब में अब सामान रखने वाले गोदामों (Warehouses) के लिए नए नियम लागू किए गए हैं. Ministry of Transport and Logistics और Ministry of Municipal and Rural Affairs and Housing ने मिलकर गोदामों की नई कैटेगरी तय की है. अब इस बात पर ध्यान दिया जाएगा कि गोदाम में रखा सामान कितना खतरनाक है और उसका इस्तेमाल किस काम के लिए हो रहा है.

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गोदामों की नई कैटेगरी और रिस्क लेवल क्या हैं?

Saudi Building Code (SBC 201) के हिसाब से अब रिस्क को दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है:

  • Medium-risk (S1): इसमें वो सामान आएगा जिसमें आग लगने का खतरा ज्यादा होता है, जैसे प्लास्टिक और कार्डबोर्ड.
  • Low-risk (S2): इसमें बिल्डिंग मटेरियल और अन्य सुरक्षित सामान रखे जाएंगे जिनसे खतरा कम होता है.

इस्तेमाल के आधार पर भी गोदामों को अलग किया गया है. General warehouses में तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं होगा. Refrigerated गोदामों में 0 से 4 डिग्री और Frozen गोदामों में 0 से -16 डिग्री तक का तापमान रखा जाएगा. इसके अलावा नमी कंट्रोल करने वाले, शेड वाले और खुले गोदामों की अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई हैं.

लाइसेंस लेने के लिए क्या शर्तें और नियम होंगे?

गोदाम का लाइसेंस पाने के लिए अब कुछ जरूरी कागजात और शर्तें पूरी करनी होंगी. कंपनियों के पास वैध Commercial Registration होना जरूरी है. इसके साथ ही Civil Defense और संबंधित विभाग से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा.

नियमों के मुताबिक, सभी गोदाम केवल सरकार द्वारा तय किए गए इंडस्ट्रियल ज़ोन या वेयरहाउसिंग एरिया में ही होने चाहिए. वहां ट्रकों और गाड़ियों की पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह होना भी जरूरी है. सरकार ने पुराने गोदामों को इन नए नियमों के हिसाब से बदलाव करने के लिए 180 दिन का समय दिया है. इस समय सीमा के बाद नियमों का पालन न करने वालों पर कानूनी जुर्माना लगाया जाएगा.

Frequently Asked Questions (FAQs)

गोदाम के लाइसेंस के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?

लाइसेंस के लिए वैध Commercial Registration, Civil Defense की मंजूरी और संबंधित सुपरवाइजिंग अथॉरिटी का अप्रूवल होना अनिवार्य है.

पुराने गोदामों को नियमों में बदलाव के लिए कितना समय मिला है?

सरकार ने सभी मौजूदा सुविधाओं को नए नियमों के अनुसार ढलने के लिए 180 दिन का ग्रेस पीरियड दिया है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.