सऊदी अरब ने अगले साल की हज यात्रा के लिए अभी से कमर कस ली है। हज और उमराह मंत्री Tawfiq Al-Rabiah ने ऐलान किया है कि मौजूदा सीजन खत्म होने से पहले ही अगले साल की तैयारी शुरू हो जाएगी। सरकार चाहती है कि यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं और बेहतर हों और व्यवस्थाएं पहले से ज्यादा मजबूत रहें।
अगले साल की हज तैयारी और जरूरी मीटिंग्स
मंत्री Tawfiq Al-Rabiah ने बताया कि अगले साल के हज सीजन (1447 AH) की तैयारी 12 धुल हिज्जा से आधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएगी। इसके लिए तीर्थयात्रियों के मामलों के कार्यालयों के प्रमुखों और सर्विस देने वाली कंपनियों के साथ बैठकें की जाएंगी।
- सरकार ने एक खास ढांचा तैयार किया है जिसमें सरकारी एजेंसियां और सर्विस प्रोवाइडर मिलकर काम करेंगे।
- मंत्रालय एक शुरुआती दस्तावेज़ जारी करेगा ताकि सर्विस देने वाली कंपनियां समय रहते जरूरी इंतजाम कर सकें।
- सऊदी विजन 2030 के तहत हज और उमराह सेक्टर में 100 से ज्यादा नई पहल शुरू की गई हैं।
- इस साल 13 मई तक 8 लाख 60 हजार से ज्यादा विदेशी यात्री सऊदी अरब पहुंच चुके थे।
हज यात्रियों के लिए नए नियम और जरूरी अपडेट्स
सऊदी सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कई सख्त नियम लागू किए हैं। इन नियमों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है।
- गैस सिलेंडर पर रोक: Civil Defense ने 18 मई से पवित्र स्थलों के हॉस्पिटलिटी सेंटर्स और सरकारी केंद्रों में गैस सिलेंडर के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है।
- Nusuk कार्ड: पवित्र स्थलों और मस्जिद अल-हरम में प्रवेश के लिए फिजिकल या डिजिटल Nusuk कार्ड होना बहुत जरूरी है।
- Tawakkalna ऐप: हज परमिट देखने और मक्का में आवाजाही को कंट्रोल करने के लिए Tawakkalna ऐप को अपडेट किया गया है।
- स्वास्थ्य नियम: हज रजिस्ट्रेशन के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तय किए गए स्वास्थ्य नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
- सुरक्षा इंतजाम: Ministry of Defense ने 20 मई तक अपनी पूरी तैयारी पूरी कर ली है जिसमें सैन्य और मेडिकल स्टाफ शामिल हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अगले साल की हज की तैयारी कब से शुरू होगी?
मंत्री Tawfiq Al-Rabiah के अनुसार, अगले साल के हज सीजन की तैयारी 12 धुल हिज्जा से मीटिंग्स के जरिए शुरू हो जाएगी।
पवित्र स्थलों पर गैस सिलेंडर ले जाने का क्या नियम है?
Civil Defense ने 18 मई से पवित्र स्थलों के भीतर गैस सिलिंडर ले जाने और इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगा दी है, उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
