सऊदी अरब के निताकत अल-मुतव्वर कार्यक्रम ने निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने का बड़ा काम किया है. इस कार्यक्रम की मदद से पिछले तीन सालों में 5.5 लाख से ज्यादा सऊदी नागरिकों को नौकरी मिली है. यह शुरुआती लक्ष्य से कहीं ज्यादा रहा, जो साल 2022 में 3.4 लाख नौकरियों का तय किया गया था.

बड़े लक्ष्य को पार किया

मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने बताया कि निताकत अल-मुतव्वर कार्यक्रम ने सऊदी नागरिकों को नौकरी देने में बड़ी सफलता हासिल की है. इस कार्यक्रम की शुरुआत के बाद तीन सालों में 5.5 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला, जबकि पहले चरण में 2022 में 3.4 लाख नौकरियों का लक्ष्य रखा गया था. इन नतीजों से बेरोजगारी दर कम हुई और निजी क्षेत्र में सऊदी कार्यबल की भागीदारी बढ़ी.

नए चरण में और नौकरियां

मंत्रालय ने हाल ही में कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू किया है, जो अगले तीन सालों तक चलेगा. इसका मकसद निजी क्षेत्र में सऊदी नागरिकों के लिए 3.4 लाख से ज्यादा अतिरिक्त नौकरियां पैदा करना है. रियाद के इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में कानून के सलाहकार और प्रोफेसर डॉ. ओसामा घानेम अल-ओबैदी ने इन परिणामों को “बहुत उत्साहजनक और स्वागत योग्य” बताया. उन्होंने कहा कि सऊदी सरकार के इन प्रयासों से रोजगार दर में इजाफा हुआ है.

नियम और कार्यक्रम का इतिहास

निताकत अल-मुतव्वर कार्यक्रम को मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर मई 2021 में लॉन्च किया था, और इसे 1 दिसंबर 2021 से लागू किया गया. बता दें, मूल निताकत कार्यक्रम 2011 में शुरू हुआ था. इस कार्यक्रम में निजी क्षेत्र की कंपनियों को “सऊदीकरण” के प्रतिशत का पालन करना होता है, जो उनकी गतिविधियों और कंपनी के आकार के हिसाब से बदलता है. निताकत मुतव्वर कार्यक्रम का तीसरा साल 1 दिसंबर 2023 से शुरू हुआ है, जिसके तहत कंपनियों को नए सऊदीकरण प्रतिशत का पालन करना होगा.

नियम न मानने पर सज़ा

जो कंपनियाँ निताकत कार्यक्रम के नियमों का पालन नहीं करती हैं, उन्हें गंभीर सज़ा का सामना करना पड़ सकता है. इनमें विदेशी कर्मचारियों के लिए नए वीजा प्राप्त करने पर रोक, सरकारी ठेके खोना और आर्थिक दंड शामिल हैं. उदाहरण के लिए, “रेड” निताकत श्रेणी में आने वाली कंपनियाँ विदेशी कर्मचारियों के वर्क परमिट को रिन्यू नहीं कर पातीं और न ही नए वीजा के लिए आवेदन कर पाती हैं.

GulfHindi Desk

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