सऊदी अरब अब तेल के अलावा दूसरी चीज़ों के व्यापार में बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. साल 2025 में देश के नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट में ऐतिहासिक बढ़त देखी गई है, जिससे सऊदी अरब G20 देशों में ग्रोथ रेट के मामले में पहले नंबर पर आ गया है. यह बदलाव बताता है कि देश अब अपनी कमाई के लिए सिर्फ तेल पर निर्भर नहीं रहा.

🗞️: Saudi Mining Update: सऊदी अरब ने दुनिया में जमाया कब्जा, माइनिंग निवेश सूचकांक में पहुंचा 10वें नंबर पर

जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GASTAT) और सऊदी एक्सपोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 2025 में नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट 15% बढ़कर 624 अरब रियाल तक पहुंच गया. पिछले साल 2024 में यह आंकड़ा 543 अरब रियाल था. इसके अलावा एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि री-एक्सपोर्ट मिलाकर यह व्यापार 18.9% बढ़ा और 366.08 अरब रियाल रहा.

उद्योग और खनिज संसाधन मंत्री Bandar bin Ibrahim Al-Khorayef ने इसे एक रिकॉर्ड प्रदर्शन बताया है. इस तरक्की में सर्विस एक्सपोर्ट और री-एक्सपोर्ट का बड़ा हाथ रहा है. री-एक्सपोर्ट सेक्टर में 53% की भारी बढ़ोतरी हुई और यह पहली बार 100 अरब रियाल के पार जाकर 139 अरब रियाल तक पहुंच गया.

व्यापार में सबसे ज़्यादा फायदा इलेक्ट्रिक मशीनरी और उपकरणों के एक्सपोर्ट से हुआ है, जिसमें 91.8% की भारी बढ़त दर्ज की गई. साथ ही केमिकल प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट में भी 4.7% की वृद्धि हुई. व्यापार से जुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे टेबल में दी गई हैं:

विवरण आंकड़ा/प्रतिशत
कुल नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट (2025) 624 अरब रियाल
सालाना ग्रोथ रेट 15%
2024 का कुल एक्सपोर्ट 543 अरब रियाल
री-एक्सपोर्ट की वैल्यू 139 अरब रियाल
री-एक्सपोर्ट में बढ़त 53%
इलेक्ट्रिक मशीनरी एक्सपोर्ट ग्रोथ 91.8%
केमिकल प्रोडक्ट्स ग्रोथ 4.7%

ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में भी यह सिलसिला जारी रहा और नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट 6% बढ़कर लगभग 86.1 अरब रियाल तक पहुंच गया.