Saudi Arabia Business News: प्राइवेट सेक्टर की रफ़्तार थोड़ी धीमी, लेकिन सैलरी बढ़ने का बना रिकॉर्ड
सऊदी अरब की इकोनॉमी से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है। मंगलवार, 3 मार्च 2026 को जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, किंगडम के नॉन-ऑयल प्राइवेट सेक्टर की ग्रोथ थोड़ी धीमी हुई है। फरवरी महीने में यह ग्रोथ पिछले नौ महीनों में सबसे कम रही। हालांकि, अच्छी बात यह है कि काम करने वालों की मांग बनी हुई है और सैलरी में भी बढ़ोतरी देखी गई है। यह खबर वहां काम करने वाले भारतीयों और अन्य विदेशियों के लिए काफी मायने रखती है।
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सैलरी और नौकरियों पर क्या है असर?
रिपोर्ट बताती है कि फरवरी में स्टाफ की लागत यानी सैलरी और अन्य खर्चों में जबरदस्त उछाल आया है। यह बढ़ोतरी अगस्त 2009 के बाद सबसे ज्यादा है। इसका मतलब है कि कंपनियां अच्छे कारीगरों और टेक्निकल जानकारी रखने वाले लोगों को अपने पास रखने के लिए ज्यादा पैसा खर्च कर रही हैं।
भले ही हेडलाइन इंडेक्स 56.3 से गिरकर 56.1 पर आ गया हो, लेकिन नौकरियों के बाजार में तेजी है। पिछले चार महीनों में सबसे ज्यादा भर्तियां (Hiring) अभी हो रही हैं। जो लोग सऊदी में नौकरी कर रहे हैं या जाने का सोच रहे हैं, उनके लिए यह एक सकारात्मक संकेत है क्योंकि कंपनियां अपना काम समय पर पूरा करने के लिए नए लोगों को जोड़ रही हैं।
महंगाई और चीजों के दाम
दूसरी तरफ, महंगाई का असर भी बढ़ा है। कंपनियों का कच्चा माल और अन्य इनपुट महंगे हो गए हैं। लगातार दूसरे महीने इसमें तेजी देखी गई है। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है क्योंकि कंपनियों ने अपना बढ़ा हुआ खर्च ग्राहकों पर डालना शुरू कर दिया है।
- आउटपुट प्राइस: सामान और सर्विस के दाम बढ़ रहे हैं।
- डिमांड: घरेलू मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।
- सप्लाई चेन: आसपास के इलाकों में चल रहे तनाव की वजह से कुछ दिक्कतें आई हैं।
रियाद बैंक और एक्सपर्ट्स की राय
रियाद बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट नाइफ अल-गैथ ने बताया कि इकोनॉमी अब एक "स्थिर संतुलन" की तरफ बढ़ रही है। नए प्रोजेक्ट्स को मिल रही मंजूरी और घरेलू मांग की वजह से ग्रोथ को सहारा मिल रहा है।
जेपी मॉर्गन ने हालांकि क्षेत्रीय अनिश्चितता को देखते हुए 2026 के लिए ग्रोथ के अनुमान में थोड़ी कटौती की है। फिर भी, विजन 2030 के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स की वजह से अगले 12 महीनों के लिए बिजनेस का माहौल पॉजिटिव बना हुआ है। एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) के मुताबिक इंडेक्स अभी भी 50 के ऊपर है, जो कि विकास का संकेत माना जाता है।




