सऊदी अरब के उत्तरी हिस्सों में रहने वालों के लिए मौसम विभाग ने एक ज़रूरी अलर्ट जारी किया है। अगले हफ्ते यहाँ तापमान में बड़ी गिरावट आने वाली है और एक ठंडा हवा का झोंका (Cold air mass) इलाके को प्रभावित करेगा। इस बदलाव की वजह से लोगों को अपनी दिनचर्या और कपड़ों के चुनाव में सावधानी बरतने की ज़रूरत है।

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कब से बदलेगा मौसम और क्या होगा असर?

Climate Center और ArabiaWeather के मुताबिक, यह बदलाव मई के पहले हफ्ते से शुरू होगा। मौसम का हाल कुछ इस तरह रहने की उम्मीद है:

  • 2 मई: शुरुआत में तापमान थोड़ा बढ़ेगा और आसमान में मध्यम से घने बादल छाए रहेंगे।
  • 3 मई: शाम के समय तापमान में तेज़ी से गिरावट आएगी। इस दौरान स्थानीय इलाकों में कीचड़ वाली बारिश होने की भी संभावना है।
  • 4 मई: ठंडा मौसम बना रहेगा और पूर्वी व रेगिस्तानी इलाकों में धूल भरी हवाएं चलेंगी।

धूल भरी आँधी और यात्रा के लिए चेतावनी

3 मई को ‘खमसिन डिप्रेशन’ (Khamsini depression) की वजह से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। इसकी वजह से भारी धूल भरी आँधी आ सकती है, जिससे रेगिस्तानी रास्तों और बॉर्डर क्रॉसिंग पर विजिबिलिटी कम हो जाएगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे बाहरी रास्तों पर सफर करते समय विशेष सावधानी बरतें क्योंकि रेत के तूफान रास्ता रोक सकते हैं।

आम लोगों और प्रवासियों के लिए ज़रूरी सलाह

मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे जल्दबाजी में अपने भारी कपड़े न हटाएं। दिन और रात के तापमान में काफी अंतर रहेगा, जिससे सेहत पर असर पड़ सकता है। विशेष रूप से उत्तर सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम के इस अचानक बदलाव के लिए तैयार रहें और ज़रूरी सावधानी अपनाएं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब के किन इलाकों में ठंड बढ़ेगी?

यह असर मुख्य रूप से सऊदी अरब के उत्तरी क्षेत्रों में देखा जाएगा, जहाँ तापमान में बड़ी और अचानक गिरावट आने की संभावना है।

सफर करने वालों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

3 और 4 मई को तेज़ धूल भरी हवाएं और रेत के तूफान आने की आशंका है, इसलिए रेगिस्तानी सड़कों पर चलने वाले यात्री सावधानी बरतें।