सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में परमाणु हथियारों को लेकर अपनी बात रखी है। न्यूयॉर्क में चल रही एक बड़ी मीटिंग में सऊदी के प्रतिनिधि ने बताया कि दुनिया की शांति के लिए परमाणु हथियारों का खत्म होना जरूरी है। इस दौरान सऊदी ने इजराइल और ईरान के परमाणु कार्यक्रमों पर भी अपनी राय दी और दुनिया को आगाह किया।

परमाणु हथियारों पर सऊदी अरब का क्या कहना है?

सऊदी अरब के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि Dr. Abdulaziz bin Mohammed Al-Wasil ने 29 अप्रैल 2026 को यह बात कही। उन्होंने बताया कि परमाणु हथियारों को रोकने वाला समझौता (NPT) बहुत जरूरी है। सऊदी का मानना है कि जब तक दुनिया से परमाणु हथियार पूरी तरह खत्म नहीं होंगे, तब तक पूरी तरह सुरक्षा नहीं मिलेगी। सऊदी ने मुख्य रूप से इन बातों पर जोर दिया:

  • परमाणु हथियारों को रोकने के नियमों का पूरी तरह पालन होना चाहिए।
  • परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल केवल शांतिपूर्ण कामों के लिए किया जाना चाहिए।
  • परमाणु हथियारों को पूरी तरह खत्म करना ही एकमात्र गारंटी है।

इजराइल और ईरान को लेकर सऊदी ने क्या कहा?

सऊदी अरब ने साफ किया कि इजराइल ने अब तक परमाणु संधि (NPT) को नहीं माना है, जो कि मिडिल ईस्ट में परमाणु हथियारों से मुक्त क्षेत्र बनाने के रास्ते में एक बड़ी रुकावट है। वहीं, ईरान के बारे में सऊदी ने कहा कि ईरान को इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के साथ पूरा सहयोग करना चाहिए। सऊदी ने यह बात इसलिए कही क्योंकि ईरान की तरफ से सऊदी पर हमले हुए हैं, इसलिए यह पक्का होना जरूरी है कि ईरान का परमाणु प्रोग्राम सिर्फ शांति के लिए है।

मीटिंग और दुनिया की स्थिति क्या है?

यह सारी चर्चा 11वीं NPT रिव्यू कॉन्फ्रेंस में हुई, जो 27 अप्रैल से 22 मई 2026 तक न्यूयॉर्क में चल रही है। इससे पहले 2015 और 2022 की मीटिंग्स में कोई ठोस फैसला नहीं निकल पाया था, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने भी चेतावनी दी कि परमाणु हथियारों को लेकर दुनिया में जो डर था, वह अब कम हो रहा है, जो आगे चलकर खतरनाक हो सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब ने NPT के बारे में क्या कहा?

सऊदी अरब ने इसे परमाणु हथियारों को रोकने का मुख्य आधार बताया और कहा कि इसके तीनों नियमों—हथियारों को रोकना, उन्हें खत्म करना और शांतिपूर्ण इस्तेमाल—के बीच संतुलन होना चाहिए।

इजराइल और ईरान के मामले में सऊदी की क्या मांग है?

सऊदी चाहता है कि इजराइल NPT संधि में शामिल हो और ईरान परमाणु एजेंसी (IAEA) के साथ मिलकर काम करे ताकि उसके प्रोग्राम की सच्चाई दुनिया के सामने रहे।