अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 23 जुलाई 2026 को एक बड़ा ऐलान करते हुए साफ कर दिया है कि सऊदी अरब के साथ प्रस्तावित असैनिक परमाणु समझौते के लिए अब्राहम एकॉर्ड का हिस्सा बनना जरूरी है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने पुष्टि की है कि यदि सऊदी अरब इसराइल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले इस समझौते में शामिल नहीं होता है, तो परमाणु डील रद्द कर दी जाएगी।

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परमाणु डील के साथ नई शर्तें

अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, यह परमाणु समझौता पूरी तरह से अब्राहम एकॉर्ड के साथ जुड़ा हुआ है। राष्ट्रपति Trump ने स्पष्ट किया है कि इस डील का उद्देश्य केवल गैर-सैन्य उपयोग है और इसमें यूरेनियम संवर्धन की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, परमाणु अप्रसार विशेषज्ञों ने इसे लेकर चिंता जताई है क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमी पर सवाल उठाए गए हैं।

सऊदी अरब का रुख और आगे की प्रक्रिया

सऊदी अरब ने अब तक इस नई शर्त पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। देश का पुराना रुख यही रहा है कि इसराइल के साथ सामान्य संबंध केवल फिलिस्तीनी राज्य के गठन के बाद ही संभव हैं। फिलहाल, यह 123 एग्रीमेंट अब अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जहां इसके लिए 90 दिनों की समीक्षा अवधि तय की गई है। इस दौरान सऊदी अरब और अमेरिका के बीच बातचीत जारी रहेगी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.