Saudi Oil Export: ईरान युद्ध के बीच सऊदी ने बदला तेल भेजने का रास्ता, IMF बोला दुनिया को मिली बड़ी राहत

ईरान और इसराइल के बीच युद्ध की वजह से Strait of Hormuz बंद होने से पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ गई थीं। ऐसे मुश्किल समय में सऊदी अरब ने तेल निर्यात के रास्ते बदलकर बड़ा कमाल किया है। International Monetary Fund (IMF) के अनुसार, सऊदी ने समय रहते सही कदम उठाए जिससे दुनिया की अर्थव्यवस्था को सहारा मिला है।

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सऊदी अरब ने तेल निर्यात के लिए क्या किया?

सऊदी अरब ने युद्ध के शुरुआती हफ्तों में ही तेल भेजने के रास्तों को बदल दिया। सऊदी वित्त मंत्रालय ने कन्फर्म किया कि अब तेल Red Sea के जरिए भेजा जा रहा है। वित्त मंत्री Mohammed Al-Jadaan ने बताया कि सऊदी ने लंबे समय से East-West pipeline जैसे प्रोजेक्ट्स पर निवेश किया था, जिससे आज संकट के समय तेल की सप्लाई जारी रखना आसान हो गया है।

IMF और वैश्विक संस्थाओं की क्या रिपोर्ट है?

IMF की डायरेक्टर Kristalina Georgieva ने कहा कि सऊदी के इस फैसले से ग्लोबल मार्केट में स्थिरता आई है। IMF के अधिकारी Jihad Azour ने माना कि सऊदी की अर्थव्यवस्था अन्य खाड़ी देशों के मुकाबले ज्यादा मजबूत रही है क्योंकि वे Strait of Hormuz पर कम निर्भर हैं। हालांकि, IEA और World Bank ने चेतावनी दी है कि ऊर्जा बाजार में अभी भी कुछ मुश्किलें बनी हुई हैं।

तारीख संस्था/व्यक्ति मुख्य अपडेट
6 मार्च 2026 सऊदी वित्त मंत्रालय Red Sea जैसे वैकल्पिक रास्तों के इस्तेमाल की पुष्टि की
7 अप्रैल 2026 Kristalina Georgieva (IMF) सऊदी के तेल रास्तों बदलने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिला सहारा
14 अप्रैल 2026 IMF रिपोर्ट खाड़ी देशों में सऊदी की स्थिति दूसरों से बेहतर बताई
15 अप्रैल 2026 IEA, IMF, World Bank ऊर्जा बाजार में व्यवधान की चेतावनी दी
16 अप्रैल 2026 Jihad Azour (IMF) सऊदी पर युद्ध का आर्थिक असर सीमित और कम समय का होगा