सोमवार, 27 जुलाई 2026 को यमन के हूती समूह ने सऊदी अरब की महत्वपूर्ण तेल सुविधाओं पर ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले में सऊदी अरब के ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन सहित कई संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया गया। हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने सोशल मीडिया पर बताया कि यह हमला यमन के हवाई क्षेत्र में सऊदी ड्रोन की कथित घुसपैठ के जवाब में किया गया है।
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने दी जानकारी
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने इराक की ओर से आए कई ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया। मंत्रालय के प्रवक्ता Major General Turki al-Maliki ने इन हमलों के लिए इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये ड्रोन हमले सऊदी के पूर्वी प्रांत और रियाद स्थित तेल सुविधाओं को निशाना बनाने की कोशिश थे।
सुरक्षा को लेकर सऊदी की सख्ती
सऊदी विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इराक सरकार से आग्रह किया कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ हमलों के लिए न होने दे। फिलहाल सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कोई भी हताहत नहीं हुआ है और न ही किसी बड़े नुकसान की रिपोर्ट है। क्षेत्र में तनाव इसलिए भी अधिक है क्योंकि पिछले हफ्ते ही हूतियों ने रेड सी में सऊदी से जुड़ी शिपिंग पर रोक लगा दी थी। ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन सऊदी के तेल निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता है, जिसकी सुरक्षा पर रियाद ने अपना सख्त रुख कायम रखा है।
