सऊदी अरब के पूर्वी इलाके में स्थित तेल सुविधाओं पर ईरान समर्थित मिलिशिया ने ड्रोन से हमला किया है। 27 जुलाई 2026 को हुए इस हमले में सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ड्रोन्स को नष्ट किया, लेकिन कुछ ड्रोन अपने निशाने तक पहुँच गए। इस हमले के कारण दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल के प्रोसेसिंग प्लांट Abqaiq में भीषण आग लग गई है, जिससे लगभग 7 मिलियन बैरल प्रति दिन की उत्पादन क्षमता फिलहाल बंद हो गई है।
सरकार की सख्त चेतावनी
सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने पुष्टि की है कि ये ड्रोन इराक की तरफ से लॉन्च किए गए थे। 28 जुलाई 2026 को क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में साफ कहा गया है कि सऊदी अरब अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। सऊदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ा जवाब देने की बात कही है।
इराक से की गई अपील
सऊदी सरकार ने इराक से मांग की है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल सऊदी अरब के खिलाफ होने वाली गतिविधियों के लिए न होने दे। इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने इन दावों की जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि इराक अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश पर हमले के लिए नहीं होने देगा। सऊदी अधिकारी अब पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अपनी संप्रभुता की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं।
