OPEC की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल महीने में सऊदी अरब का तेल उत्पादन काफी कम रहा है। सऊदी अरब अब संगठन के कुल उत्पादन का लगभग 35.7% हिस्सा संभाल रहा है। यह उत्पादन का स्तर 1990 के बाद सबसे नीचे चला गया है, जिससे तेल बाज़ार में हलचल मची हुई है।
सऊदी अरब और OPEC के तेल उत्पादन में कितनी कमी आई है?
सऊदी अरब ने OPEC को जानकारी दी कि अप्रैल में उसका औसत कच्चे तेल का उत्पादन गिरकर 6.768 मिलियन बैरल प्रति दिन (mb/d) रह गया। यह पिछले 36 सालों में सबसे कम स्तर है। अप्रैल में OPEC देशों का कुल उत्पादन 18.98 mb/d रहा, जिसमें सऊदी अरब की हिस्सेदारी 35.7% थी।
- OPEC के कुल उत्पादन में आई गिरावट का करीब आधा हिस्सा अकेले सऊदी अरब के उत्पादन में कमी की वजह से था।
- 12 मई 2026 को आई रिपोर्ट के अनुसार, OPEC का कुल उत्पादन दो दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है।
- एक बड़ा बदलाव यह भी रहा कि UAE ने 1 मई 2026 से OPEC+ समूह से खुद को अलग कर लिया।
तेल की मांग और भविष्य के फैसलों पर क्या असर पड़ेगा?
ईरान में चल रहे संघर्ष की वजह से OPEC ने अप्रैल से जून तक की तेल मांग के अनुमान में 500,000 बैरल प्रति दिन की कटौती की है। हालांकि, संगठन को उम्मीद है कि 2026 में वैश्विक मांग 1.17 मिलियन बैरल प्रति दिन की दर से बढ़ेगी। दूसरी तरफ, International Energy Agency (IEA) का मानना है कि 2026 में तेल की मांग घटकर 104 mb/d रह जाएगी।
आने वाले समय के लिए 3 मई 2026 को एक फैसला लिया गया, जिसके तहत जून से सात OPEC+ देश अपनी तेल उत्पादन सीमा में 188,000 बैरल प्रति दिन की बढ़ोतरी करेंगे। इसमें सऊदी अरब और रूस दोनों 62,000 बैरल प्रति दिन का योगदान देंगे।
| विवरण | आंकड़ा/जानकारी |
|---|---|
| सऊदी अरब की उत्पादन हिस्सेदारी (अप्रैल) | 35.7% |
| सऊदी अरब का औसत उत्पादन | 6.768 mb/d |
| OPEC का कुल उत्पादन (अप्रैल) | 18.98 mb/d |
| ग्लोबल तेल सप्लाई में गिरावट (IEA) | 1.8 mb/d |
| 2026 डिमांड ग्रोथ अनुमान (OPEC) | 1.17 mb/d |
| 2027 डिमांड ग्रोथ अनुमान (OPEC) | 1.54 mb/d |
| IEA ग्लोबल डिमांड प्रोजेक्शन 2026 | 104 mb/d |
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब का तेल उत्पादन कितना गिर गया है?
अप्रैल 2026 में सऊदी अरब का उत्पादन गिरकर 6.768 मिलियन बैरल प्रति दिन रह गया, जो 1990 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
तेल की मांग कम होने का मुख्य कारण क्या है?
ईरान में जारी संघर्ष की वजह से तेल की मांग कम हुई है, जिसके कारण OPEC ने अपनी अल्पकालिक डिमांड फोरकास्ट में कटौती की है।
