सऊदी अरब ने लेबनान में बढ़ते तनाव और बिगड़ते सुरक्षा हालातों को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। बेरूत में मौजूद सऊदी दूतावास ने सभी नागरिकों से लेबनान को तुरंत छोड़ने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र ने भी आगाह किया है कि अगर संघर्ष इसी तरह जारी रहा तो क्षेत्र में बड़ी मानवीय आपदा आ सकती है। सऊदी सरकार ने यह कदम इजरायली सेना की बढ़ती गतिविधियों और सुरक्षा कारणों से उठाया है।

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सऊदी नागरिकों के लिए क्या हैं नए यात्रा नियम और सजा?

सऊदी अरब ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा नियमों को और भी सख्त बना दिया है ताकि उन्हें जोखिम वाले इलाकों से दूर रखा जा सके। नए नियमों के बारे में ये बातें जानना जरूरी हैं:

  • सऊदी अरब में 31 मार्च 2026 से नए नियम लागू हो गए हैं जिसके तहत प्रतिबंधित देशों की यात्रा पर भारी जुर्माना लगेगा।
  • नियमों का उल्लंघन करने वाले नागरिकों पर 30,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • जुर्माने के साथ-साथ ऐसे नागरिकों पर दो साल तक के लिए यात्रा प्रतिबंध यानी ट्रेवल बैन भी लगाया जाएगा।
  • लेबनान के लिए यात्रा प्रतिबंध पहले से ही लागू है और दूतावास ने नागरिकों को मौजूदा घटनाओं के परिणामों के प्रति सचेत किया है।

लेबनान के वर्तमान हालात और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की राय

इजरायली सेना ने दक्षिण लेबनान में हजारों सैनिकों को तैनात किया है और वे लिटानी नदी के दक्षिण के पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में लेना चाहते हैं। इस स्थिति को देखते हुए अन्य देशों ने भी अपने नागरिकों को अलर्ट किया है।

संस्था या देश जारी की गई चेतावनी और जानकारी
UNHCR संस्था ने इसे अत्यंत चिंताजनक बताया और 60 मिलियन डॉलर से अधिक की मदद मांगी है।
अमेरिकी दूतावास अमेरिकी नागरिकों को तुरंत लेबनान छोड़ने और वहां की यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
लेबनान सरकार प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने हिजबुल्लाह की सैन्य गतिविधियों पर पाबंदी लगाई है।
सऊदी विदेश मंत्रालय क्षेत्र में बढ़ती हिंसा के जोखिमों पर गहरी चिंता व्यक्त की और सभी से संयम बरतने को कहा।

खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों पर क्या होगा असर?

लेबनान में बढ़ते तनाव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ सकता है। जो भारतीय या प्रवासी सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों से लेबनान के रास्ते यात्रा करते हैं या वहां व्यापार करते हैं, उनके लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उड़ानों के मार्ग में बदलाव या उनकी संख्या में कमी आने की संभावना है। सऊदी सरकार के कड़े रुख से यह साफ है कि क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी यात्रा से पहले आधिकारिक एयरलाइंस और दूतावास की जानकारी जरूर चेक करें क्योंकि हालात तेजी से बदल रहे हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.