सऊदी अरब ने न्यूयॉर्क में आयोजित ‘संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद विरोधी सप्ताह 2026’ (UN Counter-Terrorism Week) में हिस्सा लिया है। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) ने इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की है। दुनिया भर में आतंकवाद को खत्म करने के लिए सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भागीदारी पक्की की है ताकि दुनिया को सुरक्षित बनाया जा सके।
आयोजन की खास बातें
यह कार्यक्रम 26 जून से 2 जुलाई 2026 तक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में चला। इस पूरे हफ्ते का मुख्य मकसद दुनिया को आतंकवाद से मुक्त करना और सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाना था। इस दौरान कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं:
- 29 और 30 जून को आतंकवाद विरोधी एजेंसियों के प्रमुखों की उच्च स्तरीय बैठक हुई।
- 1 और 2 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक हुई, जिसमें ग्लोबल काउंटर टेररिज्म स्ट्रेटजी की समीक्षा की गई।
- पूरे हफ्ते में करीब 40 अलग-अलग कार्यक्रम हुए, जिनमें सदस्य देशों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
सऊदी अरब का स्टैंड और चेतावनी
सऊदी अरब के राजदूत डॉ. अब्दुलअजीज अलवासिल ने कहा कि आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक सीधा खतरा है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब 2011 से ही UN काउंटर टेररिज्म सेंटर की मदद कर रहा है और वह इसका संस्थापक डोनर और सलाहकार बोर्ड का अध्यक्ष भी है।
सऊदी अरब ने इस बात पर भी चिंता जताई कि अब आतंकवादी समूह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन उभरते खतरों से निपटने के लिए UN ऑफिस ऑफ काउंटर टेररिज्म को और मजबूत करना जरूरी है।
आतंकवाद की फंडिंग पर लगाम
इस्लामिक मिलिट्री काउंटर टेररिज्म गठबंधन (IMCTC) के महासचिव मेजर जनरल मोहम्मद बिन सईद अल-मोगदी ने कहा कि आतंकवाद के लिए होने वाली फंडिंग को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देशों को आपस में जानकारी साझा करनी होगी और अपनी प्रणालियों को मजबूत बनाना होगा।
1 जुलाई 2026 को IMCTC ने सऊदी अरब और बहरीन के साथ मिलकर एक खास सेशन आयोजित किया। इस मीटिंग में उन इलाकों पर चर्चा हुई जहाँ सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है और आतंकवाद का खतरा ज्यादा है, ताकि वहां की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
