सऊदी अरब ने इटली के रोम शहर में आयोजित Gulf-Mediterranean Summit में हिस्सा लिया है। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) ने इस बात की पुष्टि की है। यह समिट खाड़ी देशों और भूमध्यसागरीय क्षेत्रों के बीच आपसी बातचीत और तालमेल बढ़ाने का एक बड़ा जरिया बना।

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यह कार्यक्रम 24 से 26 जून 2026 तक चला, जिसे “A Strategic Dialogue for Stability and Economic Cooperation” नाम दिया गया था। इसे Italian Institute for International Affairs (IAI) ने आयोजित किया था, जिसमें कई देशों के राजनयिक और विशेषज्ञ शामिल हुए थे।

सऊदी अरब ने क्या कहा

सऊदी अरब की टीम का नेतृत्व विदेश मंत्रालय की मिनिस्टर प्लैनिपोटेन्शियरी Dr. Manal Radwan ने किया। उन्होंने साफ कहा कि केवल सैन्य ताकत या दबदबे से इलाके में शांति नहीं लाई जा सकती। उन्होंने इसके लिए बातचीत और आपसी सहयोग के ढांचे पर जोर दिया।

Dr. Radwan ने फिलिस्तीन के मुद्दे को सबसे अहम बताया। उन्होंने गाजा पट्टी की मानवीय स्थिति और वेस्ट बैंक में हो रहे कब्जों पर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब तक फिलिस्तीन का एक स्वतंत्र देश नहीं बनता, तब तक इलाके में सच्ची शांति और सुरक्षा आना मुश्किल है।

इसके अलावा, सऊदी अरब ने दूसरे देशों की संप्रभुता और उनके आंतरिक मामलों में दखल न देने की बात कही। उन्होंने समुद्र के रास्तों को सुरक्षित रखने और ग्लोबल सप्लाई चेन को बचाने की जरूरत पर भी जोर दिया। साथ ही यूरोप के साथ ऊर्जा और डिजिटल इकोनॉमी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कही।

अन्य देशों की भागीदारी

इस समिट में कतर, कुवैत, लेबनान और फिलिस्तीन के प्रतिनिधि भी शामिल थे। कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार Dr. Majed Mohammed Al Ansari ने ईरान-इजराइल संकट के बाद मध्यस्थता के रास्तों पर चर्चा की। उन्होंने Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण जलमार्गों की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने की वकालत की।