सऊदी अरब में अब आपकी निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करना भारी पड़ेगा। बिना इजाज़त मार्केटिंग मैसेज भेजने वाली एक कंपनी पर वहां की सरकार ने जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई सऊदी डेटा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) की देखरेख में हुई है।

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यह मामला पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन लॉ (PDPL) के उल्लंघन का है। कंपनी ने लोगों की मर्ज़ी के बिना उनका पर्सनल डेटा डायरेक्ट मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल किया था। नियम के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति की जानकारी उसका इस्तेमाल करने से पहले उसकी साफ़ अनुमति लेना ज़रूरी है।

क्या है यह नया नियम

सऊदी अरब में पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन लॉ (PDPL) 14 सितंबर 2023 से लागू हो चुका है। कंपनियों को इस कानून के हिसाब से खुद को ढालने के लिए 14 सितंबर 2024 तक का समय दिया गया था। अब SDAIA की विशेष कमेटियां इन नियमों का सख्ती से पालन करवा रही हैं।

हालिया जानकारी के मुताबिक, साल 2025 में ऐसी 48 फैसलों की घोषणा की गई है जिनमें नियमों को तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया गया। इनमें से कई मामले बिना अनुमति के प्रमोशनल मैसेज भेजने से जुड़े थे।

जुर्माना और सज़ा के प्रावधान

अगर कोई कंपनी या संस्था इस कानून को तोड़ती है, तो उसके लिए भारी जुर्माने का प्रावधान है:

  • प्रशासनिक जुर्माना: नियमों का उल्लंघन करने पर 50 लाख रियाल (करीब 13 लाख डॉलर) तक का जुर्माना लग सकता है।
  • दोहरा जुर्माना: अगर वही गलती दोबारा की जाती है, तो जुर्माना राशि दोगुनी भी हो सकती है।
  • जेल की सज़ा: अगर कोई संवेदनशील जानकारी (Sensitive Data) जानबूझकर लीक करता है या निजी फायदे के लिए इस्तेमाल करता है, तो उसे दो साल तक की जेल और 30 लाख रियाल तक का जुर्माना हो सकता है।

SDAIA की कमेटियों के पास चेतावनी जारी करने और प्रशासनिक जुर्माना लगाने का पूरा अधिकार है ताकि लोगों की प्राइवेसी सुरक्षित रहे।