सऊदी अरब के पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) ने अपना नया पांच साल का निवेश प्लान (2026-2030) तैयार कर लिया है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने इस रणनीति को अपनी मंजूरी दे दी है। इस नए प्लान के जरिए सऊदी सरकार अब देश के भीतर उद्योगों को मजबूत करने और विदेशी निवेश को बढ़ाने पर ज्यादा जोर देगी।

ℹ: Iran Nuclear Program: परमाणु ऊर्जा पर ईरान का बड़ा दावा, बोला शांतिपूर्ण इस्तेमाल का है अधिकार, अमेरिका और IAEA की बढ़ी टेंशन

नये प्लान में क्या खास बदलाव किए गए हैं?

PIF के गवर्नर यासिर अल-रुमैयन ने बताया कि अब फंड सिर्फ खुद पैसा निवेश नहीं करेगा, बल्कि दुनिया भर के पार्टनर्स और बाहरी पूंजी को भी साथ लेकर चलेगा। अब मुनाफे को कुछ महीनों के बजाय आने वाले दशकों के हिसाब से देखा जाएगा। सरकार का मुख्य ध्यान अब इंडस्ट्री, मिनरल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टूरिज्म जैसे सेक्टर को आगे बढ़ाने पर रहेगा।

किन बड़े प्रोजेक्ट्स पर पड़ेगा असर और क्या हैं नए लक्ष्य?

विजन 2030 के तहत ‘The Line’ और ‘Trojena’ जैसे महंगे मेगा-प्रोजेक्ट्स को अब फिर से देखा जा रहा है और इनमें बदलाव किए जाएंगे। सऊदी अब विदेशों में निवेश के अपने लक्ष्य को 30% से घटाकर 18-20% करेगा और यह पैसा देश के भीतर मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाएगा। साथ ही, सरकार साल 2026 में 8 नए IPO लाने की योजना बना रही है।

क्षेत्र/लक्ष्य नया बदलाव
विदेशी निवेश लक्ष्य 30% से घटाकर 18-20%
मुख्य सेक्टर इंडस्ट्री, मिनरल्स, AI और टूरिज्म
2026 का लक्ष्य 8 नए IPO लाना
नया फोकस पार्टनरशिप और बाहरी पूंजी लाना
खास निवेश Alat (सेमीकंडक्टर और रोबोटिक्स)