Yemen में बिजली की समस्या होगी दूर, सऊदी अरब ने रखी पावर प्लांट की नींव, 100 मेगावाट बिजली से रोशन होगा हद्रमौत
Yemen के हद्रमौत इलाके में अब बिजली की किल्लत कम होगी। सऊदी अरब के SPDRY प्रोग्राम और हद्रमौत के गवर्नर ने मिलकर 100 मेगावाट क्षमता वाले बिजली संयंत्रों (पावर प्लांट) की नींव रखी है। यह काम अल-मुकल्ला शहर में सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को हुआ। इस पहल से वहां के स्थानीय लोगों का जीवन आसान होगा और बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार आएगा।
पावर प्लांट प्रोजेक्ट की खास बातें क्या हैं?
इस पूरे प्रोजेक्ट को सऊदी प्रोग्राम फॉर डेवलपमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ यमन (SPDRY) फंड कर रहा है। इसे लागू करने की जिम्मेदारी Gulf Power International कंपनी को सौंपी गई है। यह प्रोजेक्ट ‘बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर’ (BOT) मॉडल पर काम करेगा और यह यमन के बिजली एवं ऊर्जा मंत्रालय के साथ मिलकर किया जा रहा है।
कुल 100 मेगावाट की क्षमता को दो हिस्सों में बांटा गया है। इसमें जौल मसाह स्टेशन 40 मेगावाट और अंबिखा स्टेशन 60 मेगावाट बिजली पैदा करेगा। यह पूरा काम पहले से तय एक समझौते (MoU) के तहत किया जा रहा है ताकि इलाके में बिजली की सप्लाई स्थिर रहे।
आम लोगों और सेवाओं पर क्या असर पड़ेगा?
बिजली उत्पादन बढ़ने से हद्रमौत के स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और अन्य सरकारी दफ्तरों में काम बेहतर होगा। सऊदी अरब ने जनवरी 2026 में यमन के विकास के लिए 1.9 अरब सऊदी रियाल (करीब 506 मिलियन डॉलर) देने का वादा किया था। इस पैसे का इस्तेमाल बिजली जैसे जरूरी सेक्टर को सुधारने में किया जा रहा है।
आने वाले समय में हद्रमौत के वादी और रेगिस्तानी इलाकों के लिए एक और 100 मेगावाट का पावर स्टेशन बनाने की योजना है। सऊदी अधिकारियों का कहना है कि उनका मुख्य मकसद यमन की अर्थव्यवस्था को संभालना और वहां के आम नागरिकों के रहन-सहन को बेहतर बनाना है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल क्षमता | 100 मेगावाट |
| जौल मसाह स्टेशन | 40 मेगावाट |
| अंबिखा स्टेशन | 60 मेगावाट |
| फंडिंग एजेंसी | SPDRY (सऊदी अरब) |
| लागू करने वाली कंपनी | Gulf Power International |
| प्रोजेक्ट मॉडल | BOT (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) |
| शिलान्यास की तारीख | 13 अप्रैल 2026 |