सऊदी अरब में अब बिना लाइसेंस के सोने, चांदी और कीमती पत्थरों की जांच और मूल्यांकन करना गैरकानूनी हो गया है। सरकार ने इसके लिए दी गई छूट की समय सीमा खत्म कर दी है। अब इस क्षेत्र में काम करने वाले सभी व्यक्तियों और संस्थाओं के पास वैध प्रोफेशनल लाइसेंस होना जरूरी है।

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सरकार ने इस संबंध में कैबिनेट फैसला नंबर 269 लागू किया है, जो 11 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुआ है। इस नए कानून के तहत अब व्यापार और मैन्युफैक्चरिंग की जिम्मेदारियां अलग-अलग मंत्रालयों को सौंपी गई हैं।

किसे मिलेगी क्या जिम्मेदारी

नए नियमों के मुताबिक, अब Ministry of Commerce (व्यापार मंत्रालय) कीमती धातुओं और पत्थरों के व्यापार और रिटेल दुकानों की निगरानी करेगा। वहीं, Ministry of Industry and Mineral Resources (उद्योग और खनिज संसाधन मंत्रालय) अब इनके निर्माण, रेगुलेशन और लाइसेंस जारी करने का काम संभालेगा।

अगर कोई व्यक्ति या कंपनी कीमती धातुओं का निर्माण कर रही है, तो उसे ‘Sanaei’ प्लेटफॉर्म के जरिए इंडस्ट्रियल लाइसेंस लेना होगा। इसके लिए 11 अक्टूबर 2025 से छह महीने का समय दिया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर तीन महीने और बढ़ाया जा सकता है।

नए नियम और शर्तें

सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई सख्त नियम लागू किए हैं, जिनकी जानकारी नीचे दी गई तालिका में है:

नियम का नाम विवरण
शुद्धता मानक पहले मान्य 4 कैरेट तक की छूट को अब खत्म कर दिया गया है।
पहचान टैग हर कीमती पत्थर के उत्पाद पर पहचान टैग लगाना अनिवार्य है।
विज्ञापन नियम विज्ञापन में वस्तु का प्रकार, वजन, शुद्धता और कीमत साफ लिखनी होगी।
खरीद रसीद किसी व्यक्ति से सामान खरीदने पर उसके नाम, आईडी और राष्ट्रीयता वाली रसीद देनी होगी।
दुकान का सेटअप पुराने जेवर और सिंथेटिक हीरों के लिए दुकान में अलग जगह बनानी होगी।
हॉलमार्किंग सभी उत्पादों पर आधिकारिक हॉलमार्क होना जरूरी है।
आयातित सामान बाहर से आने वाले गहनों की बिक्री से पहले मंत्रालय द्वारा जांच और विश्लेषण जरूरी है।

नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना

लाइसेंस के बिना काम करने या नियमों की अनदेखी करने पर सख्त सजा का प्रावधान है। धोखाधड़ी या हॉलमार्क के साथ छेड़छाड़ करने वालों को दो साल तक की जेल या 4 लाख रियाल तक का जुर्माना हो सकता है। अन्य छोटे उल्लंघनों के लिए 2 लाख रियाल तक का जुर्माना देना होगा। बार-बार गलती करने वालों का लाइसेंस रद्द कर उनका कारोबार हमेशा के लिए बंद किया जा सकता है।

इन नियमों का सीधा असर उन भारतीय प्रवासियों और व्यापारियों पर पड़ेगा जो सऊदी अरब में ज्वेलरी और कीमती पत्थरों के कारोबार से जुड़े हैं। अब उन्हें अपने सभी कागजात और लाइसेंस अपडेट रखने होंगे ताकि किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com